आगरा: साक्ष्य के अभाव और बेदाग छवि के आधार पर चोरी के आरोपियों को मिली जमानत

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आगरा।

आगरा की एक स्थानीय अदालत ने नाई की मंडी क्षेत्र में दुकान का ताला तोड़कर नकदी चोरी करने के दो आरोपियों को नियमित जमानत (Regular Bail) प्रदान की है।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ-24) माननीय खुशतर दानिश की अदालत ने मामले की परिस्थितियों और आरोपियों के पूर्व आपराधिक इतिहास न होने के मद्देनजर रिहाई के आदेश दिए।

मामले का संक्षिप्त विवरण:

अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 6 जनवरी 2026 की है, जहाँ नाई की मंडी स्थित एक दुकान से अज्ञात व्यक्तियों द्वारा शटर तोड़कर ₹2 लाख की नकदी और ₹15,000/- की रेजगारी सहित अन्य सामान चोरी किया गया था।

पुलिस ने विवेचना के दौरान शिव उर्फ अंडे और बिलाल को 9 जनवरी को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था कि आरोपियों के पास से ₹15,050/- की बरामदगी हुई है।

बचाव पक्ष के तर्क:

आरोपियों की ओर से अधिवक्ता नगेंद्र सिंह कुशवाह एवं गुफरान अंसारी ने अदालत के समक्ष निम्नलिखित विधिक बिंदु रखे:

* स्वतंत्र गवाहों का अभाव: अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि पुलिस द्वारा दिखाई गई कथित बरामदगी के समय कोई भी स्वतंत्र या सार्वजनिक गवाह मौजूद नहीं था, जो बरामदगी की सत्यता पर सवाल उठाता है।

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* अपराधिक इतिहास: न्यायालय को अवगत कराया गया कि दोनों ही आरोपियों का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वे समाज के संभ्रांत परिवार से संबंध रखते हैं।

* झूठा फंसाने का दावा: बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपियों को केवल संदेह के आधार पर मामले में घसीटा गया है।

न्यायालय का निर्णय:

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद पाया कि मामले में मुकदमे के विचारण (Trial) तक आरोपियों को जेल में रखना न्यायसंगत नहीं है।

कोर्ट ने स्वतंत्र साक्ष्य की कमी और क्लीन रिकॉर्ड को आधार मानते हुए जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।

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केस विवरण:

* न्यायालय: अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या-24), आगरा

* आरोपी: शिव उर्फ अंडे एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य

* धाराएं: भा.न्या.सं. (BNS) की संबंधित धाराएं (पूर्व में IPC 380/457)

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विवेक कुमार जैन
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