आगरा: ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0’ का आगाज़; जिला जज ने न्यायिक अधिकारियों को दिए निर्देश

न्यायालय मुख्य सुर्खियां

आगरा।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आगरा जनपद में ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0’ की औपचारिक शुरुआत हो गई है।

बुधवार को जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष माननीय संजय कुमार मलिक ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी न्यायिक अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की।

आपसी सुलह से वादों के निस्तारण पर जोर

बैठक के दौरान जनपद न्यायाधीश ने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक ऐसे मामलों को चिन्हित किया जाए जो मध्यस्थता (Mediation) के माध्यम से सुलझाए जा सकते हैं।

उन्होंने मध्यस्थों को भी निर्देशित किया कि वे त्वरित कार्यवाही करते हुए वादों का निस्तारण सुनिश्चित करें।

प्राधिकरण की सचिव माननीय विनीता सिंह-प्रथम ने बताया कि पिछले वर्ष भी यह अभियान अत्यंत सफल रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में मुकदमों का निस्तारण आपसी सहमति से हुआ था।

उन्होंने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से भी अपील की है कि इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि आम जनता इस सुलभ न्याय प्रणाली का लाभ उठा सके।

Also Read – आगरा में हुआ न्यायिक फेरबदल: माननीय विनीता सिंह बनीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की नई सचिव

जिला कारागार में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन:

इसी क्रम में आज जिला कारागार आगरा के महिला बैरक में एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में उपस्थित महिला बंदियों को उनके मौलिक अधिकारों, नि:शुल्क विधिक सहायता, जेल लोक अदालत और ‘प्ली बार्गेनिंग’ जैसे कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इस अवसर पर कारापाल नागेश सिंह, श्रीमती मेघा राजपूत और डिप्टी जेलर अंजनी सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

Also Read – आगरा: भ्रष्टाचार निवारण की नई विशेष अदालत ने खारिज की पहली जमानत, रिश्वतखोर लेखपाल को नहीं मिली राहत

पुरुष बैरक का निरीक्षण: साफ-सफाई और भेदभाव मुक्त वातावरण पर निर्देश:

सचिव माननीय विनीता सिंह-प्रथम ने जिला कारागार के पुरुष बैरक का भी सघन निरीक्षण किया।

उन्होंने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और जातिगत भेदभाव जैसे विषयों पर पूछताछ की।

हालांकि किसी बंदी ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई, फिर भी सचिव ने कारागार प्रशासन को निर्देशित किया कि जेल परिसर में स्वच्छता बनाए रखी जाए और किसी भी बंदी के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो।

Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp  – Group BulletinChannel Bulletin

विवेक कुमार जैन
Follow me

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *