आगरा:
दुराचार, मारपीट, और धमकी देने के एक मामले में आरोपी नर्सिंग होम कर्मचारी अरविंद कुमार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है।
एडीजे-23 माननीय अमित कुमार यादव कोर्ट ने पाया कि पीड़िता के बयानों में गंभीर विरोधाभास था और मेडिकल रिपोर्ट में भी दुराचार की पुष्टि नहीं हुई थी।
जानें क्या था पूरा मामला:
यह मामला 3 जनवरी, 2020 को थाना जगदीशपुरा में दर्ज हुआ था। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि वह पिछले एक साल से जीवन ज्योति नर्सिंग होम में काम करने वाले आरोपी अरविंद के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थी।
Also Read – गौरव सारस्वत पर ₹3.5 लाख का चेक डिसऑनर का आरोप, कोर्ट ने किया तलब

पीड़िता के अनुसार, 1 जनवरी, 2020 को सुबह 10 बजे अरविंद ने तीन महीने की गर्भवती होने पर उसके साथ मारपीट की और पेट में लात मारकर गर्भ गिराने की कोशिश की।
पीड़िता ने यह भी कहा कि उसने इस बात की शिकायत अरविंद की पत्नी से भी की थी। पीड़िता खुद भी विवाहित थी और पति से विवाद के कारण अकेली रह रही थी।
उसका आरोप था कि घटना के बाद अरविंद उसका फोन भी नहीं उठा रहा था।
कोर्ट में क्या हुआ:
पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ दुराचार, मारपीट और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज कर कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान, पीड़िता के अलावा डॉ. सुनीता सागर, जांच अधिकारी संतोष कुमार और पुलिसकर्मी खलील अहमद की गवाही हुई।

* मेडिकल रिपोर्ट: मेडिकल जांच में दुराचार की पुष्टि नहीं हुई।
* बयानों में विरोधाभास: पीड़िता ने पहले कोर्ट में आरोपी के पक्ष में बयान दिए, लेकिन बाद में एक प्रार्थना पत्र देकर कहा कि ये बयान पुलिस के दबाव में दिए गए थे। इसके बाद उसने दूसरे बयान में आरोपी के कृत्य की पुष्टि की, जिससे उसके बयानों में गंभीर विरोधाभास उजागर हुआ।
* आर्थिक लाभ का इतिहास: आरोपी के वकील शहंशाह खान ने कोर्ट में कई सबूत पेश किए, जिनसे यह साबित हुआ कि पीड़िता ने पहले भी इसी तरह के मुकदमे दर्ज कराकर लोगों से आर्थिक लाभ लिया था।
एडीजे-23 कोर्ट ने पीड़िता के साक्ष्यों में विरोधाभास और आरोपी के वकील की दलीलों के आधार पर अरविंद कुमार को बरी करने का आदेश दिया।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- मंदिर में पांच वर्षीया बालिका से दुराचार के प्रयास में अभियुक्त को सात वर्ष का कठोर कारावास - September 16, 2026
- छात्रा अपहरण एवं दुराचार मामले में 15 वर्ष बाद चार आरोपी साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त - September 16, 2026
- लूट के मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर, अदालत ने दो आरोपियों की जमानत की स्वीकृत - September 16, 2026




