आगरा/प्रयागराज:
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
प्रयागराज की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल द्वारा दाखिल परिवाद पर संज्ञान लेते हुए मंत्री राजभर को नोटिस जारी किया है।
विवाद का मुख्य कारण:
यह मामला ओम प्रकाश राजभर द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिए गए बयान से जुड़ा है। राजभर ने आरोप लगाया था कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की भर्ती में 86 में से 56 एसडीएम (SDM) केवल यादव जाति के चुने गए थे।
सपा ने इस बयान को भ्रामक, तथ्यहीन और समाज में वैमनस्य फैलाने वाला करार दिया है।

विधिक कार्यवाही का क्रम:
* लीगल नोटिस: समाजवादी पार्टी की ओर से 14 फरवरी को राजभर को एक कानूनी नोटिस भेजकर अपना बयान वापस लेने और माफी मांगने को कहा गया था।
* परिवाद दाखिल: बयान वापस न लेने पर सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने अधिवक्ता विनीत विक्रम और मनीष खन्ना के माध्यम से एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में मानहानि और गलत जानकारी फैलाने का परिवाद दायर किया।
* कोर्ट का रुख: अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कैबिनेट मंत्री को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है।
अगली सुनवाई:
न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 मार्च की तिथि निर्धारित की है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Group Bulletin & Channel Bulletin
- मानहानि मामला: यूपी के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर को एमपी-एमएलए कोर्ट का नोटिस - February 22, 2026
- पुलिस टीम पर फायरिंग के आरोपी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली राहत, 11 मुकदमों के बावजूद सशर्त जमानत मंजूर - February 20, 2026
- बीएलओ की मनमानी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार और चुनाव आयोग से मांगी रिपोर्ट - February 20, 2026







