आगरा।
हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के विरुद्ध दायर परिवाद पर कल, शुक्रवार को स्पेशल कोर्ट (MP-MLA) में महत्वपूर्ण सुनवाई होगी।
न्यायाधीश मन्नत अनुज कुमार सिंह की अदालत में इस मामले के दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश करेंगे।
क्या है पूरा विवाद ?
वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने कंगना रनौत के विरुद्ध किसानों के अपमान और राष्ट्रद्रोह से संबंधित टिप्पणियों को लेकर अदालत में मामला दायर किया था।
इस मामले में कोर्ट ने पूर्व में धारा 202 (CRPC/BNSS) के तहत जांच आख्या (Report) तलब की थी।
पुलिस आख्या पर उठा था विवाद:
* 13 जनवरी 2026: थाना न्यू आगरा पुलिस ने अपनी पहली रिपोर्ट पेश की।
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* वादी पक्ष की आपत्ति: वादी के वरिष्ठ अधिवक्ता सुखबीर सिंह चौहान, राजवीर सिंह और बी.एस. फौजदार ने इस आख्या को अधूरा बताया। उनका तर्क था कि जहाँ एक ओर वादी और गवाहों के लिखित बयान लिए गए, वहीं कंगना रनौत की ओर से उनके सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अनुसूया चौधरी ने बयान दर्ज कराए।
* कोर्ट का रुख: अदालत ने इसे आदेश का पूर्ण अनुपालन न मानते हुए पुनः ‘स्पष्ट आख्या’ पेश करने के निर्देश दिए थे।
कल की सुनवाई क्यों है अहम ?
29 जनवरी 2026 को थाना न्यू आगरा के प्रभारी निरीक्षक राजीव त्यागी द्वारा तैयार संशोधित आख्या उप-निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह के माध्यम से कोर्ट में प्रस्तुत की जा चुकी है।
29 जनवरी को अपरिहार्य कारणों से बहस नहीं हो सकी थी, जिसके चलते अब कल शुक्रवार को अदालत दोनों पक्षों को विस्तार से सुनेगी।
अदालत इस बहस के बाद तय करेगी कि पुलिस आख्या के आधार पर कंगना रनौत को समन (नोटिस) जारी किया जाए या नहीं।
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