आगरा:
जनपद के थाना लोहामंडी क्षेत्र में हुए एक चर्चित दहेज हत्या के मामले में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) कक्ष संख्या-30 माननीय कुंदन किशोर सिंह ने आरोपी पति मोनू को दोषी करार देते हुए 7 वर्ष के कठोर कारावास और 7 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
वहीं, साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने मृतका के सास और ससुर को रिहा करने का आदेश दिया।
क्या था मामला ?
मामले के अनुसार, थाना सिकंदरा के ग्राम अरतौनी निवासी मुकेश (पुत्र स्व. गिर्राज सिंह) ने अपनी पुत्री का विवाह नौबस्ता, लोहामंडी निवासी मोनू (पुत्र जवाहर सिंह) के साथ किया था।
आरोप था कि विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज से संतुष्ट नहीं थे और मोटरसाइकिल की मांग को लेकर विवाहिता को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे।
15 जनवरी 2020 को मांग पूरी न होने पर आरोपियों ने विवाहिता की फांसी के फंदे से लटकाकर हत्या कर दी थी।
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न्यायिक प्रक्रिया और फैसला:
वादी की तहरीर पर पति मोनू, सास मीना देवी, ससुर जवाहर सिंह, देवर रवि व राहुल और ननद ममता के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
विवेचना के दौरान सीओ नम्रता श्रीवास्तव ने देवर और ननद की नामजदगी गलत पाते हुए उनके नाम हटा दिए थे। पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
अदालत का निर्णय:
पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का अवलोकन करने के बाद, अदालत ने पति मोनू को दोषी पाया।
हालांकि, उचित साक्ष्य न मिलने के कारण सास मीना देवी और ससुर जवाहर सिंह को दोषमुक्त कर दिया गया।
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