आगरा:
न्यू आगरा थाना क्षेत्र की ‘झाड़ू वाली बस्ती’ में 7 साल पहले सरकारी नल से पानी भरने को लेकर हुए विवाद में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।
एडीजे 21 माननीय विराट कुमार श्रीवास्तव ने हत्या के प्रयास और अन्य धाराओं में दोषी पाते हुए चार आरोपियों को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही, दोषियों पर कुल 80 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
क्या था पूरा मामला ?
घटना 7 सितंबर 2017 की है। सरकारी नल से पहले पानी भरने की बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था।
मामले के अनुसार:
* वादी मुकदमा बादाम की पत्नी श्रीमती दिलशाद बस्ती के सरकारी नल पर पानी भरने गई थीं।
* इसी दौरान आरोपी पक्ष के शेरू, फैजान उर्फ आमिर खान, रफीक और बंटी उर्फ शफीकुद्दीन ने उन पर हमला बोल दिया।
* आरोपियों ने तलवार और छुरी जैसे धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार किए।

हमले में कई महिलाएं हुई थीं गंभीर घायल
हमले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीच-बचाव करने आईं इमराना की उंगलियां और अंगूठा कट गया था।
जब वादी की पुत्री गुड़िया अपनी मां को बचाने आई, तो आरोपियों ने उस पर भी जानलेवा हमला कर उसे लहुलुहान कर दिया।
अदालत का फैसला:
मामले की सुनवाई के दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता योगेश कुमार बघेल ने प्रभावी पैरवी की।
अदालत ने:
* गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट को मुख्य आधार माना।
* चारों आरोपियों (शेरू, फैजान, रफीक और बंटी) को जानलेवा हमले का दोषी पाया।
* प्रत्येक दोषी को 5 वर्ष की कैद और सामूहिक रूप से 80 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
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