आगरा ।
पंद्रह साल की छात्रा का पीछा करने, उससे दोस्ती का दबाव बनाने और धमकाने के आरोप में दो युवकों को विशेष पॉक्सो एक्ट अदालत ने एक साल की कैद और 5,000/- रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई है।
यह मामला 2 अप्रैल 2019 का है, जब थाना जगदीशपुरा में एक छात्रा के पिता ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी 15 साल की बेटी, जो 9वीं कक्षा में पढ़ती है, स्कूल आते-जाते समय ललित सवारिया और आलोक नामक दो युवक उसका पीछा करते थे। ये दोनों युवक छात्रा से छेड़छाड़ कर दोस्ती का दबाव बनाते थे और धमकी देते थे कि अगर वह बात नहीं मानेगी, तो उसे उठा ले जाएँगे।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की थी। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी सुभाष गिरी और विजय किशन लवानिया ने कई गवाहों, जिनमें छात्रा और उसके पिता भी शामिल थे, को अदालत में पेश किया।
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मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने कहा कि किसी पुरुष द्वारा एक नाबालिग लड़की का लगातार पीछा करना और उसे परेशान करना एक गंभीर अपराध है।
अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के कारण हर साल बड़ी संख्या में लड़कियाँ स्कूल जाना छोड़ देती हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है। न्यायाधीश ने 2018 में बिहार में हुई एक घटना का भी जिक्र किया, जहाँ ऐसे मामलों के कारण कई लड़कियों ने स्कूल जाना छोड़ दिया था।
अदालत ने कहा कि सरकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे बड़े कार्यक्रम चला रही है, लेकिन आज भी हम अपनी बच्चियों को ऐसा सुरक्षित माहौल नहीं दे पाए हैं, जहाँ वे बिना किसी डर के स्कूल जाकर पढ़ाई कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। इन टिप्पणियों के साथ अदालत ने दोनों आरोपियों को सज़ा सुनाई।
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