आगरा/ प्रयागराज: ४ जुलाई ।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय ध्वज का फेसबुक पर अपमान करने के आरोपी की जमानत अर्जी पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। यह मामला सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान से जुड़ा है, जिस पर अदालत ने गंभीरता से संज्ञान लिया है।
मामले के अनुसार, आरोपी अकील पर आरोप है कि उसने फेसबुक पर एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें कथित तौर पर पाकिस्तान, तुर्की और चीन के झंडों के विपरीत भारतीय ध्वज को उलटा दिखाया गया था। इस पोस्ट को लेकर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने राज्य सरकार से आपत्तिजनक पोस्ट की रंगीन तस्वीरों के साथ जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई अगस्त माह के दूसरे सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
अकील पर भारतीय ध्वज को अपमानजनक तरीके से पोस्ट करने और अप्रत्यक्ष रूप से भारत की हार को दर्शाने के आरोप में धारा 152 और 197 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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आरोपी ने अपनी दलील में कहा है कि उसने फेसबुक पर ऐसी कोई सामग्री पोस्ट नहीं की है, जिससे भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का अनादर करने या पाकिस्तान के प्रति वरीयता प्रदर्शित करने की मंशा प्रदर्शित होती हो। उसने यह भी तर्क दिया कि उसके खिलाफ लगाए गए अपराधों में 7 साल तक की सजा का प्रावधान है, और इसलिए वह जमानत पर रिहा होने का हकदार है।
वहीं, सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट में कहा कि अकील द्वारा पाकिस्तान और अन्य देशों के झंडों के साथ भारतीय झंडा उल्टा लगाने का कृत्य स्पष्ट रूप से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति अनादर प्रदर्शित करने के समान है। उनका तर्क था कि यह अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान सहित दुश्मन देशों के हाथों भारत की हार को दर्शाता है।
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