राहत: साइबर ठगी की ₹3.05 लाख की राशि पीड़िता को वापस मिलेगी, आगरा कोर्ट ने दिए अवमुक्त करने के आदेश

न्यायालय मुख्य सुर्खियां

आगरा।

आगरा की एक विशेष अदालत ने साइबर अपराध का शिकार हुई महिला को बड़ी राहत प्रदान की है।

विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट माननीय (Spec. CJM) माननीय अचल प्रताप सिंह ने साइबर सेल द्वारा फ्रीज कराई गई ठगी की पूरी राशि को पीड़िता के पक्ष में अवमुक्त (Release) करने के आदेश जारी किए हैं।

प्रकरण का विवरण:

शाहगंज निवासी यांशिका के साथ साइबर ठगों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी की थी। ठगों ने उनके एक्सिस बैंक खाते में सेंध लगाकर ₹3,05,000/- पार कर दिए थे।

पीड़िता ने इस घटना की तत्काल रिपोर्ट थाना शाहगंज में दर्ज कराई थी।

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साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई:

मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल ने त्वरित तकनीकी जांच की और ठगी गई रकम को ट्रांजैक्शन के दौरान ही ट्रैक कर लिया।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त धनराशि को संबंधित बैंक खातों में होल्ड (Freeze) करा दिया था, जिससे ठग उस पैसे को निकाल नहीं सके।

न्यायालय का विधिक हस्तक्षेप:

अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए पीड़िता ने अधिवक्ता सतीश कुमार के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था।

* अधिवक्ता का तर्क: सुनवाई के दौरान अधिवक्ता सतीश कुमार ने दलील दी कि उक्त धनराशि वादिनी की वैध आय है और पुलिस की जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि यह ठगी का पैसा है। वर्तमान में यह राशि बैंक में होल्ड है, जिसका लाभ वादिनी को नहीं मिल पा रहा है।

कोर्ट का आदेश:

न्यायालय ने प्रस्तुत तथ्यों और पुलिस रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद पीड़िता के प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया।

विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बैंक को निर्देशित किया कि होल्ड की गई ₹3.05 लाख की राशि वादिनी के हक में अवमुक्त की जाए।

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केस सारांश:

* न्यायालय: विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, आगरा

* पक्षकार: यांशिका बनाम राज्य (साइबर सेल)

* धनराशि: ₹3,05,000/-

* अधिवक्ता: सतीश कुमार

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विवेक कुमार जैन
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