आगरा:
दुष्कर्म, गाली-गलौज और धमकी के एक मामले में, तोति का नगला निवासी दीपक को अदालत ने बरी कर दिया है। यह फैसला पीड़िता की गवाही में गंभीर विरोधाभास पाए जाने के बाद सुनाया गया।
थाना हरीपर्वत में दर्ज मामले के अनुसार, 22 नवंबर 2019 की रात करीब 2 बजे वादी की 17 वर्षीय बेटी लघुशंका के लिए बाहर गई थी। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटी तो वादी ने छत पर जाकर देखा।
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आरोप है कि वहाँ दीपक उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म कर रहा था। शोर सुनकर पड़ोसी और आरोपी के परिजन भी मौके पर आ गए और धक्का-मुक्की कर आरोपी को छुड़ा ले गए।
पीड़िता ने बताया था कि चार-पाँच महीने पहले आरोपी ने नहाते समय उसका अश्लील वीडियो बना लिया था। उसी के आधार पर वह उसे ब्लैकमेल कर रहा था और कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। जब उसने शिकायत करने की बात कही, तो आरोपी ने उसके भाई को जान से मारने की धमकी दी।
गवाहों की कमी और एफआईआर में देरी
अदालत में अभियोजन पक्ष ने सिर्फ पीड़िता को ही गवाही के लिए पेश किया। अदालत ने पाया कि एफआईआर दर्ज कराने में एक महीने की देरी हुई थी।
इसके अलावा, पीड़िता के बयानों में भी गंभीर विरोधाभास थे, जिससे घटना की सत्यता पर संदेह पैदा हुआ।
आरोपी के अधिवक्ता अशोक कुमार कुशवाह के तर्कों को स्वीकार करते हुए, अदालत ने दीपक को बरी करने का आदेश दिया।
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