आगरा/प्रयागराज ।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हुई हिंसा से जुड़े मामले में समाजवादी पार्टी के सांसद ज़िया उर रहमान बर्क और जामा मस्जिद के सदर जफर अली को मिली अंतरिम राहत को अगले आदेश तक बढ़ा दिया है।
कोर्ट ने उनके खिलाफ ट्रायल कोर्ट (विशेष जज, एमपी-एमएलए कोर्ट) में चल रही कार्यवाही पर लगाई गई अंतरिम रोक को जारी रखने का निर्देश दिया है।
इस मामले की सुनवाई जस्टिस समीर जैन की एकल पीठ कर रही है।

सुनवाई का घटनाक्रम:
* याचिका पर सुनवाई के दौरान, राज्य सरकार ने अपना जवाब दाखिल किया।
* इसके जवाब में, याचिकाकर्ताओं (सांसद ज़िया उर रहमान बर्क और जफर अली) के वकील ने कोर्ट से रिजाइंडर एफिडेविट (जवाबी हलफनामा) दाखिल करने के लिए समय मांगा।
* कोर्ट ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए, मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 जनवरी 2026 से शुरू होने वाले हफ्ते में सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।
* यह भी उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने 24 जुलाई 2025 को संभल हिंसा मामले में याचिकाकर्ता जफर अली को जमानत दे दी थी।
याचिकाकर्ताओं की मांग:
* सांसद ज़िया उर रहमान बर्क ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर संभल के स्पेशल जज (एमपी/एमएलए) कोर्ट में उनके खिलाफ चल रही संपूर्ण कार्रवाई को रद्द करने की मांग की है। उनके खिलाफ 24 नवंबर 2024 को संभल स्थित जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी।
* जामा मस्जिद कमेटी के चेयरमैन जफर अली ने अपनी याचिका में संभल हिंसा के मामले में ट्रायल कोर्ट में पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट को चुनौती दी है।
हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम रोक जारी रखने का फैसला सांसद बर्क और जफर अली दोनों के लिए एक बड़ी राहत है, जब तक कि मामले में अगली सुनवाई नहीं हो जाती।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- बरेली हिंसा मामले में आरोपी नाजिम रज़ा खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली सशर्त जमानत - February 4, 2026
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हमीरपुर मामले में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए राज्य सरकार से पूछे गंभीर विधिक प्रश्न,संपत्तियों को ध्वस्तीकरण से दी अंतरिम सुरक्षा - February 4, 2026
- 11885 बोतल कोडीन कफ सीरप की तस्करी के आरोपियों को राहत नहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत - February 4, 2026







