आगरा:
विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस (NDPS) एक्ट माननीय विवेक कुमार की अदालत ने एक किलो ग्राम नशीला पाउडर बरामदगी के मामले में आरोपित संजू पुत्र रामनाथ वर्मा को पुलिस की घोर लापरवाही के कारण बरी करने का आदेश दिया है।
अदालत ने पाया कि पुलिस अभियोजन पक्ष आरोपी से बरामदगी सिद्ध करने में विफल रहा और उसने एक्ट के विधिक प्रावधानों का भी पालन नहीं किया।
आरोपी संजू राम बाग, सीता नगर, थाना एत्माद्दौला, आगरा का निवासी है, जिसे एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 के तहत आरोपित किया गया था।
क्या था मामला ?
थाना जगदीशपुरा में दर्ज मामले के अनुसार, वादी मुकदमा उप निरीक्षक मो. नदीम ने आरोप लगाया था कि 1 अप्रैल 2018 को वह एस.आई. प्रदीप कुमार सेंगर, एस.आई. राजीव कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ अवध पुरी पुलिस चौकी क्षेत्र में गश्त कर रहे थे।
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शिकायत के अनुसार, वायु विहार रोड के फाटक पर पहुंचने पर, नई आबादी कलवारी की तरफ से आता एक व्यक्ति उन्हें देखकर हड़बड़ा गया और तेज़ कदमों से वापस मुड़कर चलने लगा।
शक होने पर पुलिस ने आरोपी संजू को पकड़ा और उसके कब्जे से एक किलो ग्राम नशीला पाउडर बरामद किया। इसके बाद आरोपी को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
बरी होने का कारण (अदालत का फैसला):
अभियोजन पक्ष की ओर से उप निरीक्षक मो. नदीम, एस.आई. प्रदीप कुमार सेंगर और पुलिसकर्मी तुलसी दास को पेश किया गया।
आरोपी के अधिवक्ता अशोक कुमार कुशवाह के तर्कों पर सुनवाई करते हुए, विशेष न्यायाधीश ने पाया कि:
* पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट के विधिक प्रावधानों का पालन नहीं किया गया।
* मामले में स्वतंत्र गवाह का अभाव था।
* पुलिस अभियोजन पक्ष आरोपी से नशीले पाउडर की बरामदगी सिद्ध करने में विफल रहा।
इन कमियों के चलते, अदालत ने आरोपी संजू को दोषमुक्त करते हुए बरी करने का आदेश दिया।
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