नेशनल इंश्योरेंस कंपनी ने 1.30 लाख का बीमा कवर होने के बाद भी किया था क्लेम देने से इंकार
आगरा 31 अगस्त।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय आयोग के अध्यक्ष आशुतोष, सदस्य पारुल कौशिक और राजीव कुमार ने पैथोलॉजी लैब में लगी सीटी स्कैन की मशीन में बीमा अवधि के दौरान खराबी होने पर सर्वेयर के कहने पर उन्होंने मरम्मत करा लेने वाले उपभोक्ता का क्लेम निरस्त करने वाली नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को 30 दिन के अंदर पीड़ित उपभोक्ता 19 लाख 500 रुपये (19,00,500/-) मरम्मत खर्च के साथ मानसिक उत्पीड़न व वाद व्यय के 50 हजार अलग से देने के आदेश दे दिए हैं।
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मामले के अनुसार एडवांस इमेजिंग एणंड पैथोलॉजी के डायरेक्टर भुवनेश अग्रवाल के आयोग में वाद दायर किया था। बताया कि उन्होंने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी से सीटी स्कैन मशीन का बीमा कराया था।
जिसके लिए 1 लाख 9 हजार 551 रुपये अदा किए थे। पॉलिसी की अवधि 26 सितंबर 2013 से 25 सितंबर 2014 तक थी।
मशीन में खराबी आने पर कंपनी की पॉलिसी में 1.30 करोड़ रुपये तक का कवर बीमा था। 5 मई 2014 को मशीन की ट्यूब में खराबी आ गई।
मशीन बनाने वाली कंपनी के सर्वेयर ने मरम्मत में 19 लाख 500 रुपये का खर्चा बताया।
उन्होंने बीमा कंपनी में जानकारी दी। सर्वेयर एसके बहल के कहने पर उन्होंने मरम्मत करा ली।
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दस्तावेज पूरे दाखिल करते हुए इंश्योरेंस कंपनी से क्लेम किया।
इसके बावजूद भी क्लेम निरस्त कर दिया।
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