आगरा।
ताजमहल को तेजोमहालय शिव मंदिर बताते हुए उसमें सावन के महीने में जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक की अनुमति मांगने से जुड़े वाद में अब आगामी 9 जुलाई 2026 को सुनवाई होगी। अदालत ने यह नई तिथि एक पक्षकार के अधिवक्ता के अस्वस्थ होने के कारण दी है।
मामले के अनुसार, योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर ने अपने अधिवक्ताओं शिव आधार सिंह तोमर और झम्मन सिंह रघुवंशी के माध्यम से जुलाई 2024 में एक वाद दायर किया था।
इस वाद में भारत संघ और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीक्षक को प्रतिवादी बनाया गया है। वादी का दावा है कि ताजमहल वास्तव में राजा परमार्दिदेव द्वारा 12वीं शताब्दी में निर्मित तेजोमहालय शिव मंदिर है, जिसे बाद में राजा मानसिंह और राजा जयसिंह ने महल के रूप में उपयोग किया और शिव मंदिर को सुरक्षित रखा।
Also Read – सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों के निस्तारण हेतु समाधान समारोह 2026 का हुआ आगाज

याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुगल शासक शाहजहाँ ने इसे धोखे से हासिल किया था।
इस मामले में सोमवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन केस में पक्षकार बनने की अर्जी देने वाले सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी के अधिवक्ता रइसउद्दीन का ऑपरेशन होने के कारण उनकी ओर से तारीख के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया।
अदालत ने इस प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए सुनवाई के लिए 9 जुलाई की तिथि निर्धारित कर दी।
उल्लेखनीय है कि इस मामले की पिछली सुनवाई 23 फरवरी 2026 को हुई थी, जिसमें बार-बार केस की नकल मांगने के कारण सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी पर अदालत ने 300 रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
वादी कुंवर अजय तोमर का कहना है कि यह स्थान करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और वे विधि-विधान से पूजा-अर्चना और जलाभिषेक की अनुमति प्राप्त करने के लिए अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin





1 thought on “ताजमहल को तेजोमहालय मानकर जलाभिषेक की अनुमति मांगने वाले मामले में अब 9 जुलाई को होगी सुनवाई”