आगरा।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय ने टोरेंट पावर लिमिटेड को एक महत्वपूर्ण मामले में बिजली बिल को पुनः आंकलित कर सही करने के आदेश दिए हैं।
यह मामला एक ऐसी महिला से जुड़ा है जिसकी मृत्यु 13 वर्ष पूर्व हो चुकी थी, लेकिन विभाग द्वारा उनके नाम पर लाखों रुपये का बकाया दर्शाते हुए नोटिस जारी कर दिया गया था।
प्रकरण के अनुसार, आगरा के काजी पाड़ा निवासी श्रीमती भगवान देवी ने उपभोक्ता आयोग में टोरेंट पावर के खिलाफ मुकदमा दायर किया था।
उन्होंने आयोग को बताया कि उनके आवास पर उनकी सास स्वर्गीय गंगा देवी के नाम से विद्युत कनेक्शन लगा हुआ था।
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उनके छोटे और साधारण से घर के लिए कंपनी ने सात लाख पैंतीस हजार रुपये से अधिक का बिल बकाया दर्शाया और कनेक्शन काट दिया।
हैरान करने वाली बात यह रही कि कंपनी ने बिल की वसूली के लिए 13 वर्ष पूर्व मृत हो चुकी गंगा देवी के नाम ही नोटिस जारी कर दिया।
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप था कि उनके पुत्र राजेंद्र और देवेंद्र, जो उनसे अलग रहते हैं और जिनके घरों में अलग मीटर लगे हुए हैं, उन्हें भी बकाया बिल के भुगतान के लिए परेशान किया गया और कनेक्शन काटने की धमकी दी गई।
मामले की सुनवाई के बाद उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष माननीय आशुतोष और सदस्य पारुल कौशिक ने टोरेंट पावर लिमिटेड की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया।
आयोग ने विपक्षी कंपनी को आदेशित किया है कि वह आदेश जारी होने के 45 दिनों के भीतर शिकायतकर्ता के विद्युत कनेक्शन पर दर्शाई गई गलत बकाया धनराशि का पुनः आंकलन सुनिश्चित करे और उसे दुरुस्त करे।
इस फैसले से उन उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है जो तकनीकी खामियों या विभागीय लापरवाही के कारण भारी-भरकम बिलों का सामना कर रहे हैं।
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