आगरा/प्रयागराज:
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद जारी दंडात्मक तोड़फोड़ (Punitive Demolition) की घटनाओं पर गंभीर रुख अपनाया है।
हमीरपुर जिले से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय के अगले आदेश तक याचिकाकर्ताओं की संपत्तियों के खिलाफ कोई भी ध्वस्तीकरण (Demolition) की कार्रवाई नहीं की जाएगी।
डबल बेंच ने राज्य सरकार से मांगा जवाब:
यह आदेश जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने फ़ैमुद्दीन व दो अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
कोर्ट ने राज्य सरकार को इस मामले में अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई अब 25 फरवरी को नियत की गई है।
कोर्ट की तल्ख टिप्पणी:
“सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद तोड़फोड़ जारी”
उल्लेखनीय है कि इसी मामले में 21 जनवरी को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने काफी तल्ख टिप्पणी की थी।
Also Read – इलाहाबाद हाईकोर्ट: एएसपी अनुज चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों को बड़ी राहत, संभल कोर्ट के एफआईआर के आदेश पर रोक

खंडपीठ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा था कि:
* सुप्रीम कोर्ट द्वारा बुलडोजर कार्रवाई को लेकर स्पष्ट गाइडलाइंस तय किए जाने के बावजूद उत्तर प्रदेश में दंडात्मक तोड़फोड़ का सिलसिला थमा नहीं है।
* न्यायालय ने इस बात पर चिंता जताई कि सर्वोच्च अदालत के फैसले की भावना का जमीनी स्तर पर उल्लंघन हो रहा है।
कानूनी प्रक्रिया का पालन करें, बुलडोजर नहीं चलेगा:
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में संतुलित रुख अपनाते हुए कहा है कि:
“अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया (Due Process of Law) का पालन करते हुए कार्रवाई तो की जा सकती है, लेकिन कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना उनकी प्रॉपर्टी को गिराया नहीं जाएगा।”
क्या है याचिकाकर्ताओं की मांग ?
याचिकाकर्ताओं ने अपनी संपत्तियों को प्रशासन की संभावित कार्रवाई से बचाने के लिए न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की थी।
याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट में एक सप्लीमेंट्री एफिडेविट (पूरक शपथ पत्र) भी दाखिल किया, जिसे न्यायालय ने रिकॉर्ड पर ले लिया है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रशासन बिना उचित प्रक्रिया और कानूनी आधार के निजी संपत्तियों को निशाना बना रहा है, जो कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया ऐतिहासिक फैसले का सीधा उल्लंघन है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी यूपी में ‘बुलडोजर कार्रवाई’ जारी रहने पर हाईकोर्ट सख्त, हमीरपुर मामले में संपत्तियों को गिराने पर रोक - February 11, 2026
- इलाहाबाद हाईकोर्ट: एएसपी अनुज चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों को बड़ी राहत, संभल कोर्ट के एफआईआर के आदेश पर रोक - February 11, 2026
- इलाहाबाद हाईकोर्ट से पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार को बड़ी राहत, आपराधिक कार्यवाही पर लगाई रोक - February 11, 2026








1 thought on “सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी यूपी में ‘बुलडोजर कार्रवाई’ जारी रहने पर हाईकोर्ट सख्त, हमीरपुर मामले में संपत्तियों को गिराने पर रोक”