दो हफ्ते में मांगा वरिष्ठ अधिकारी का हलफनामा
आगरा/ प्रयागराज 13 सितंबर।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाएं आदेश पारित करने के बाद घर ध्वस्त करने के खिलाफ याचिका पर दो हफ्ते में जवाब मांगा है।
कोर्ट ने कहा कि
वरिष्ठ अधिकारी के हलफनामे में बतायें किस परिस्थिति वश घर ढहाया गया ?
कोर्ट ने याचिका की अगली सुनवाई की तिथि 18 सितंबर तय करते हुए मौके की यथास्थिति कायम रखने का भी निर्देश दिया है।
Also Read - धर्म बदलकर शादी करने वाले बालिग जोड़े के खिलाफ दर्ज अपहरण का केस रद्दयह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने आजमगढ़ के सुनील कुमार की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
याचिका पर अधिवक्ता शरदेंदु मिश्र व जय शंकर मिश्र ने बहस की।
इनका कहना है कि 9 जनवरी 24 को तहसीलदार फूलपुर की धारा 67(5)के अंतर्गत रिपोर्ट दी।जिसपर 22जुलाई 24को अपर कलेक्टर भू राजस्व आजमगढ़ ने घर ढहाने का आदेश दिया और इसके बाद घर ध्वस्त कर दिया गया।
जिसमे कानूनी प्रक्रिया की अवहेलना की गई है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Group Bulletin & Channel Bulletin
- इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा “न्याय में देरी, न्याय से इंकार “,100 वर्षीय वृद्ध की उम्रकैद 42 साल बाद रद्द - February 5, 2026
- बरेली हिंसा मामले में आरोपी नाजिम रज़ा खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली सशर्त जमानत - February 4, 2026
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हमीरपुर मामले में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए राज्य सरकार से पूछे गंभीर विधिक प्रश्न,संपत्तियों को ध्वस्तीकरण से दी अंतरिम सुरक्षा - February 4, 2026







