आगरा।
जनपद की एक विशेष अदालत ने मारपीट और जानलेवा हमला करने के करीब 14 वर्ष पुराने मामले में पांच आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है।
एडीजे-21 (ADJ-21) माननीय विराट कुमार श्रीवास्तव ने गवाहों के बयानों में विरोधाभास और मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर पिंटू, बल्ले, सोनू, जगदीश उर्फ जग्गो और सोनू (पुत्र केलासी) को बरी करने के आदेश जारी किए।
2012 का है मामला: टेढ़ी बगिया में हुई थी मारपीट:
प्रकरण थाना एत्मादपुर (एत्माददौला) क्षेत्र का है। वादी मुकदमा सिंधी द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, 30 मई 2012 को वह टेढ़ी बगिया स्थित कालिंदी विहार में अपनी ममिया सास रज्जावती के घर गया था।
आरोप था कि रात्रि करीब 10 बजे उपरोक्त आरोपियों ने वादी और नीरज के साथ गाली-गलौज करते हुए उन पर जानलेवा हमला किया और गंभीर चोटें पहुंचाईं। बीच-बचाव करने आए परिजनों के साथ भी मारपीट का आरोप लगाया गया था।
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गवाहों के बयानों में मिला गंभीर विरोधाभास:
मामले के विचारण (ट्रायल) के दौरान आरोपियों के वरिष्ठ अधिवक्ता भारत सिंह ने मजबूती से पक्ष रखा।
उन्होंने न्यायालय के समक्ष तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों में भारी विरोधाभास है, जिससे घटना की सत्यता संदिग्ध हो जाती है।
अधिवक्ता ने दलील दी कि रंजिश के चलते आरोपियों को इस मामले में झूठा फंसाया गया है।
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डॉक्टर की गवाही बनी बचाव का मुख्य आधार:
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ डॉ. एस. एन. गुप्ता की गवाही से आया। डॉक्टर ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि घायल नीरज को किसी मारपीट के कारण नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटना (एक्सीडेंट) में घायल होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
न्यायालय ने मेडिकल रिपोर्ट और वरिष्ठ अधिवक्ता के तर्कों को स्वीकार करते हुए माना कि आरोपियों के विरुद्ध अपराध सिद्ध नहीं होता है, जिसके चलते उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया।
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