साक्ष्य के अभाव में पिता की हत्या के आरोपी पुत्र सहित 4 बरी; कोर्ट ने विवेचना में लापरवाही पर जताई नाराजगी

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आगरा।

जनपद के फतेहाबाद थाना क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी कर्मी की अंगोछे से गला घोंटकर की गई हत्या के मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है।

एडीजे 29 माननीय दिनेश कुमार चौरसिया की अदालत ने मृतक के पुत्र श्री ओम और उसके तीन साथियों को साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश दिए हैं।

अदालत ने इस मामले में पुलिस विवेचना को ‘हद दर्जे की लापरवाही’ भरा माना।

क्या था मामला ?

फिरोजाबाद के थाना बसई मोहम्मदपुर निवासी रामप्रकाश (पीडब्ल्यूडी कर्मी) 22 नवंबर 2023 को फतेहाबाद के बड़ा मीरपुरा में एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे।

अगले दिन सुबह उनका शव एक ट्यूबवेल के पास मिला था। उनकी हत्या अंगोछे से गला घोंटकर की गई थी।

शुरुआत में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था, लेकिन बाद में मृतक के दूसरे बेटे (वादी) ने अपने भाई श्री ओम पर हत्या का आरोप लगाया।

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भाई ने ही लगाया था भाई पर आरोप

वादी अनिल कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि उसका भाई श्री ओम जुए की लत के कारण कर्ज में डूबा था।

वह अक्सर पिता से पैसों की मांग करता था और इनकार करने पर जान से मारने की धमकी देता था।

पुलिस ने इसी आधार पर श्री ओम, बबलू, शंकर और जय किशन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

कोर्ट के फैसले का आधार:

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में वादी सहित 10 गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता कृष्ण मुरारी माहेश्वरी ने तर्क दिया कि आरोपियों के खिलाफ कोई भी ठोस सबूत पेश नहीं किया गया है और केवल संदेह के आधार पर उन्हें फंसाया गया है।

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न्यायाधीश माननीय दिनेश कुमार चौरसिया ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि:

* विवेचक (Investigating Officer) ने सबूत जुटाने में हद दर्जे की लापरवाही बरती।

* अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ अपराध सिद्ध करने के लिए पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफल रहा।

परिणाम: अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए ओम और उसके तीनों साथियों बबलू, शंकर व जय किशन को दोषमुक्त (बरी) करने का आदेश जारी किया।

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विवेक कुमार जैन
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