भगवान विष्णु पर ‘अभद्र टिप्पणी’ का आरोप; आगरा में जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
आगरा।
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई द्वारा कथित रूप से भगवान विष्णु पर की गई एक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
आगरा के सिविल कोर्ट के अधिवक्ता सुमन्त चतुर्वेदी ने इस टिप्पणी को धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए आज, 08 अक्टूबर 2025 को भारत की राष्ट्रपति को एक लिखित शिकायत/ज्ञापन सौंपा।
शिकायत की प्रति आगरा के जिलाधिकारी कार्यालय में अपर जिला अधिकारी-शहर श्यमुनाधर चौहान को सौंपी गई।
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क्या है मामला ?
यह शिकायत खजुराहो के राकेश दलाल द्वारा दायर एक जनहित याचिका से जुड़ी है। याचिका जावरी मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति की मरम्मत और पुनर्स्थापन (Restoration) कराने के लिए दाखिल की गई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि याचिका पर निर्णय के दौरान 16 सितंबर 2025 को माननीय मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने भगवान विष्णु के विरुद्ध अभद्र टिप्पणी की।
कथित टिप्पणी में मुख्य न्यायाधीश ने कहा था:
“जाओ और पूजा करने वाले देवता से स्वयं ही कुछ करने को कहो – आप कह रहे हैं कि आप भगवान विष्णु के भक्त हैं तो अब जाओ और उनसे ही जाकर प्रार्थना करो।”
यह टिप्पणी करते हुए याचिका को खारिज कर दिया गया था।
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धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप:
अधिवक्ता सुमन्त चतुर्वेदी का कहना है कि मुख्य न्यायाधीश की इस टिप्पणी से सनातन धर्म के करोड़ों लोगों के साथ-साथ शिकायतकर्ता की भी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
इस संदर्भ में, अधिवक्ता सुमन्त चतुर्वेदी ने माननीय राष्ट्रपति महोदया से इस मामले में आवश्यक कार्यवाही करने की प्रार्थना की है। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन की एक प्रति उनके दिल्ली स्थित कार्यालय पर स्पीड पोस्ट से भी भेजी है।
ज्ञापन सौंपते समय अधिवक्ता सुमन्त चतुर्वेदी के साथ आशीष तिवारी एडवोकेट, रविन्द्र शर्मा एडवोकेट और अन्य अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
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