आगरा राष्ट्रीय लोक अदालत: एक ही दिन में 7.82 लाख से अधिक मामलों का निपटारा, करोड़ों की धनराशि पर हुआ समझौता

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आगरा, 14 मार्च 2026।

न्याय की चौखट पर बरसों से लंबित विवादों को सुलझाने के उद्देश्य से आज आगरा जनपद में ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ का ऐतिहासिक आयोजन किया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित इस लोक अदालत में आपसी सहमति और सुलह-समझौते के आधार पर कुल 7,82,608 वादों का निस्तारण कर आम जनमानस को बड़ी राहत दी गई।

भव्य उद्घाटन और गरिमामयी उपस्थिति:

कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश माननीय संजय कुमार मलिक द्वारा दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया।

इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय माननीय श्रीमती तृप्ता चौधरी, एमएसीटी पीठासीन अधिकारी माननीय नरेन्द्र कुमार पाण्डेय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय प्रथम माननीय पुष्कर उपाध्याय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / एस०सी०एस०टी०/ न्यायालय, सं0-02, आगरा माननीय शिव कुमार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / ई०सी० एक्ट/न्यायालय, सं०-04, आगरा, माननीय ज्ञानेन्द्र राव, नोडल अधिकारी/अपर जिला जज, न्यायालय संख्या-26, आगरा माननीय अमरजीत, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, आगरा माननीय मृत्युन्जय श्रीवास्तव और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव माननीय श्रीमती विनीता सिंह सहित समस्त न्यायिक अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और अधिवक्ता मौजूद रहे।

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निस्तारण के मुख्य आकर्षण: आंकड़ों की नजर से

लोक अदालत में दीवानी कचहरी से लेकर तहसील और ब्लॉक स्तर तक मामलों की सुनवाई हुई।

मुख्य उपलब्धियां निम्नलिखित रहीं:

* माननीय संजय कुमार मलिक जनपद न्यायाधीश, आगरा एवं अन्य समस्त अपर जनपद न्यायाधीशगण द्वारा अन्य प्रकृति के 808 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें जुर्माना धनराशि 84,000/- रूपये की धनराशि अधिरोपित की गई।

* राष्ट्रीय लोक अदालत में माननीय तृप्ता चौधरी, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय व अतिरिक्त परिवार न्यायालयों द्वारा 37 वादों का निस्तारण किया गया।

* राष्ट्रीय लोक अदालत में माननीय नरेन्द्र कुमार पाण्डेय, पीठासीन अधिकारी मोटर दुघर्टना दावा अधिकरण के द्वारा 107 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें पीड़ित पक्षों को 10,35,40,722/- रूपये की प्रतिपूर्ति धनराशि प्रदान की गई।

* इस लोक अदालत में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (रेलवे) / अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/सिविल जज/अपर सिविल जज / न्यायिक मजिस्ट्रेट व अन्य न्यायालयों द्वारा कुल- 7,647 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें जुर्माना धनराशि- 65,15,712/- रूपये अधिरोपित की गई। इसके अतिरिक्त जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग-प्रथम व द्वितीय, स्थायी लोक अदालत, कॉमर्शियल कोर्ट-प्रथम व द्वितीय के द्वारा कुल 20 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें धनराशि- 22,84,025/- रूपये अधिरोपित की गयी तथा वर्चुअल न्यायालय के द्वारा कुल- 1,40,263 मोटर वाहन चालानों का निस्तारण किया गया।

* राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन दीवानी कचहरी, आगरा के अलावा तहसील स्तर ब्लॉक स्तर समस्त पुलिस आयुक्त कार्यालय एवं यातायात चालान, ग्रीन गैस लि० मो० फोन, वैवाहिक प्रीलिटिगेशन, भारत दूर संचार निगम लि० एवं समस्त फाईनेन्स कम्पनियों के कुल- 6,32,661 वादों का निस्तारण किया गया तथा टोरण्ट पावर लि० के द्वारा कुल-250 मामलों का निस्तारण किया गया, जिसमें समझौते की धनराशि मु0- 23,50,000/-रूपयें रही।

* इस लोक अदालत में विभिन्न बैंकों भारतीय स्टेट बैंक, यूकों बैंक, ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावत, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, सिडिकेट बैंक अन्य फाइनेन्स कम्पनी आदि के कुल-815 वादों का निस्तारण प्री-लिटिगेशन लोक अदालत के माध्यम से किया गया, जिसमें समझौता धनराशि-12,37,54000/- रूपये सम्मिलित है।

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जनसुविधाओं का विशेष ख्याल:

लोक अदालत में आने वाले वादकारियों की सहायता के लिए परिसर में जगह-जगह पूछताछ केंद्र स्थापित किए गए थे, जहाँ पराविधिक स्वयंसेवक और अधिवक्ता मार्गदर्शन दे रहे थे।

साथ ही, मुख्य चिकित्साधिकारी आगरा के सहयोग से एक हेल्थ चेकअप हेल्प डेस्क भी लगाई गई, जिसका लोगों ने भरपूर लाभ उठाया।

सचिव माननीय विनीता सिंह ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ‘सुलभ और त्वरित न्याय’ है। उन्होंने सफल आयोजन के लिए सभी न्यायिक अधिकारियों, पुलिस बल, बैंक अधिकारियों और मीडिया कर्मियों का आभार व्यक्त किया।

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विवेक कुमार जैन
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