न्यायालय ने 50 हजार रुपये का अर्थ दंड भी लगाया
अपने पति से वर्ष 2013 मे वादनी का हो गया था तलाक
वादनी अपने मायकेँ में तथा उसकी 13 वर्षीया पुत्री आरोपी पिता के साथ रहती थी
वहशी आरोपी पिता ने कई बार किया अपनी पुत्री के साथ दुराचार
दादी से शिकायत पर दादी ने निर्लज्जता की सीमा पार कर कहा जो कर रहा हैं करने दे
अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई
आगरा 29 अक्टूबर ।
अपनी 13 वर्षीया अवयस्क पुत्री के साथ दुराचार एवं पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपित वहशी पिता भरत सिंह पुत्र मुकंदी निवासी बड़ी बस्ती, थाना सिकन्दरा, जिला आगरा को दोषी पाते हुये विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट माननीय परवेज अख्तर ने कठोर आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया है ।
महिला थाना रकाबगंज में दर्ज मामले के अनुसार वादनी मुकदमा द्वारा एस.एस.पी. आगरा को 20 अगस्त 2018 को प्रार्थना पत्र देने पर उनके आदेश से उक्त मुकदमा महिला थाना रकाबगंज में दर्ज हुआ था।
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मामले के अनुसार वादनी मुकदमा की शादी आरोपी भरत सिंह से वर्ष 2001 में हुई थी ।आरोपी द्वारा वादनी को उत्पीड़ित किये जाने एवं उसकी गलत हरकतो के कारण वादनी का वर्ष 2013 मे आरोपी से तलाक हो जाने के कारण वादनी अपने मायकेँ रहने लगी एवं उसकी पुत्री आरोपी पिता के पास ही रह गई।
वादनी की पुत्री कभी कभी वादनी से मिलने आती रहती थी। आरोपी वादनी की पुत्री के साथ आये दिन मारपीट कर घर के समस्त काम करवाने के बाद भी नियमित खाना नहीं देता था। आरोपी द्वारा वादनी की पुत्री का मानसिक एवं शारीरिक शोषण किये जाने की सूचना मिलने पर उसने आरोपी से अपनी पुत्री को स्वयं के पास भेजने को कहा तो आरोपी ने गाली गलौज करते हुए मना कर दिया।
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वादनी द्वारा थाना सिकन्दरा पर प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने पर पुलिस ने आरोपी को फोन कर वादनी की पुत्री को थाने पर बुला उसे वादनी की सुपर्दगी में सौंप दिया लेकिन आरोपी एवं उसकी पुत्री के साथ कोई पूछताछ नहीँ की। वादनी की पुत्री ने बताया कि पिता ने कई बार उसके साथ जबरन दुराचार किया था ।
वादनी की पुत्री द्वारा अपनी दादी से पिता की शिकायत करने पर उसने आरोपी का साथ देते हुये वादनी की पुत्री से कहा भरत जो कर रहा हैं, उसे करने दे। अब कौन सी तेरी मां घर पर हैं। दादी ने धमकी दी कि किसी से शिकायत की तो तुझे मार कर रेलवे लाइन पर फिंकवा देगे।
मुकदमे के विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से वादनी मुकदमा, पीड़िता, उपनिरीक्षक इतुल चौधरी, डा .नीलम रानी, डा.नीता कुलश्रेष्ठ, महिला पुलिसकर्मी लवली को गवाह के रूप मे अदालत में पेश किया।
विशेष अभियोजन अधिकारी माधव शर्मा द्वारा की गई ठोस पैरवी तथा तर्कों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट माननीय परवेज अख्तर ने 6 वर्ष से जिला कारागार में निरुद्ध आरोपी को दोषी पाते हुये कठोर आजीवन कारावास एवं पचास हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया।

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अदालत नें अर्थ दंड की समस्त राशि पीड़िता को को दिलाने के साथ साथ प्रतिकर प्राप्ति हेतु आदेश की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भी प्रेषित करने के आदेश दिये।
अदालत ने अपने आदेश में कहा आरोपी द्वारा अपनी सगी पुत्री के साथ किया गया कृत्य उसकी दूषित मानसिकता को उजागर करता है। यह कृत्य मानवीय संवेदना एवं रिश्तों की पवित्रता की भावनायों से भी महरूम होना दर्शाता हैं ।
आरोपी का कृत्य पिता पुत्री के पवित्र रिश्ते को दागदार करने वाला होने के कारण वह किसी सहानुभूति का पात्र नहीं हैं।
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