आगरा :
आगरा दीवानी परिसर में मूलभूत सुविधाओं की कमी ने अधिवक्ताओं, न्यायिक कर्मचारियों और वादकारियों को परेशान कर रखा है। करोड़ों रुपए की लागत से बनी नई अदालतों के शौचालयों सहित, यहां तक कि दिव्यांगों के लिए बने शौचालयों पर भी ताले जड़े हुए हैं।
रोजाना हजारों लोगों का आना-जाना होने के बावजूद, न्याय प्रशासन उन्हें जरूरी सुविधाएँ भी नहीं दे पा रहा है।
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जो शौचालय खुले भी हैं, उनकी हालत बेहद खराब है। उनमें इतनी दुर्गंध आती है कि खड़ा होना भी मुश्किल है।
न्याय प्रशासन (नाज़िर) का तर्क है कि सफाईकर्मियों की कमी के कारण शौचालयों को बंद करना पड़ा है।
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इस स्थिति से सभी में रोष है, क्योंकि सुविधाएँ होने के बावजूद उन्हें इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं मिल रहा है।
यह एक गंभीर समस्या है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है।
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