आगरा/नई दिल्ली 10 दिसंबर ।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) संजीव खन्ना ने कहा कि ‘नोटिस के बाद लंबित मामलों की संख्या बहुत अधिक होने’ को देखते हुए अब नियमित मामले जनवरी 2025 से सूचीबद्ध किए जाएंगे।
सुबह के सत्र के दौरान, एक वकील ने दिवालियापन मामले का उल्लेख किया और इसमें शामिल कानून के सवालों पर विचार करने के लिए एक बड़ी पीठ के गठन का अनुरोध किया।
सीजेआई ने जवाब देते हुए कहा कि इस तरह के नियमित प्रकृति के मामले जनवरी में सूचीबद्ध किए जाएंगे। वर्तमान में न्यायालय नोटिस के बाद लंबित मामलों को निपटाने पर ध्यान केंद्रित करेगा।
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सीजेआई ने कहा,
“नोटिस के बाद लंबित मामलों की संख्या बहुत अधिक है। जनवरी में हम सामान्य मामलों से निपटना शुरू करेंगे।”
16 नवंबर को नई अधिसूचना जारी की गई थी। इसमें कहा गया कि नियमित सुनवाई के मामले मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को सूचीबद्ध नहीं किए जाएंगे। इसके बजाय, इन दिनों विविध मामले जिनमें नोटिस जारी किया गया, उन्हें सूचीबद्ध किया जाएगा। जमानत मामले और स्थानांतरण याचिकाएँ भी सूचीबद्ध की जाएंगी।
सुप्रीम कोर्ट में व्यवस्था के अनुसार, प्रवेश मामले (विविध मामले) आम तौर पर सोमवार और शुक्रवार को सूचीबद्ध किए जाते हैं। मंगलवार-गुरुवार नियमित सुनवाई के मामलों के लिए होते हैं, जहां अंतिम सुनवाई होती है। साथ ही विविध मामले जिनमें नोटिस जारी किया गया, उन्हें भी बेंच के आदेश के अनुसार सूचीबद्ध किया जाता है।
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साभार: लाइव लॉ
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