आगरा।
जनपद के थाना सदर बाजार क्षेत्र के अंतर्गत चाची द्वारा अपने सगे भतीजे पर लगाए गए दुराचार के सनसनीखेज आरोप में जिला जज की अदालत ने आरोपी को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने न्यायालय के समक्ष तर्क दिया कि यह पूरा मामला पुश्तैनी प्लॉट पर कब्जा करने की नीयत से रची गई एक साजिश है।
मामले की पृष्ठभूमि:
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 40 वर्षीया चाची ने अपने 24 वर्षीय भतीजे शिवम उर्फ त्रिलोकी (निवासी सोहल्ला, थाना सदर) के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था।
वादिनी का आरोप था कि घर की समर्सिबल खराब होने के कारण वह अपने जेठ के घर नहाने गई थी। आरोप था कि इसी दौरान भतीजे शिवम ने उसकी अश्लील वीडियो बना ली और उसे वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ दुराचार और अश्लील हरकतें कीं।
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अदालत में बचाव पक्ष के तर्क:
आरोपी के अधिवक्ता राजेश कुमार एवं अजय चौधरी ने जमानत अर्जी पर बहस करते हुए निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदु न्यायालय के समक्ष रखे:
* चिकित्सीय परीक्षण से इंकार: अधिवक्ता ने तर्क दिया कि वादिनी (चाची) ने गंभीर आरोप लगाने के बावजूद अपना मेडिकल परीक्षण कराने से स्पष्ट मना कर दिया था, जो आरोपों की सत्यता पर संदेह पैदा करता है।
* संपत्ति का विवाद: अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि आरोपी और वादिनी के बीच 250 वर्ग गज के पुश्तैनी प्लॉट को लेकर विवाद चल रहा है। वादिनी के पति ने पहले ही 125 वर्ग गज पर मकान बना लिया था और अब वे शेष 125 वर्ग गज के हिस्से पर कब्जा करने के उद्देश्य से भतीजे को झूठे मामले में फंसा रहे हैं।
* अवैध निरुद्धता: आरोपी शिवम 1 फरवरी से जिला कारागार में निरुद्ध था।
न्यायालय का निर्णय:
दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के पश्चात, माननीय जिला जज ने आरोपी की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली और उसे जेल से रिहा करने के आदेश जारी किए।
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