आगरा।
अपर जिला जज संख्या माननीय महेश चंद वर्मा ने न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने और बार-बार आदेशों की अवहेलना करने पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुजफ्फरनगर के खतौली थाने में तैनात उपनिरीक्षक राजकुमार बालियान के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
अदालत ने पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर को निर्देशित किया है कि संबंधित उपनिरीक्षक को 13 मई तक गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाए।
मामला वर्ष 2020 से लंबित हत्या के प्रयास और आयुध अधिनियम से जुड़ा है, जो थाना शमशाबाद से संबंधित है।
सरकार बनाम राज ठाकुर नामक इस मुकदमे में उपनिरीक्षक राजकुमार बालियान की गवाही होनी अनिवार्य है, लेकिन वे लंबे समय से अदालत में उपस्थित नहीं हो रहे हैं।
अदालत इससे पूर्व उनकी गवाही सुनिश्चित करने के लिए चार बार जमानतीय वारंट जारी कर चुकी थी, लेकिन उनके व्यवहार में कोई सुधार नहीं दिखा।
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अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए न केवल गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं, बल्कि पुलिस अधीक्षक को यह भी निर्देश दिया है कि अग्रिम आदेश तक उक्त उपनिरीक्षक का वेतन रोक दिया जाए।
साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू कर उन्हें विधि अनुसार दंडित किया जाए और एक माह के भीतर इसकी अनुपालन आख्या अदालत में प्रस्तुत की जाए।
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अपर जिला जज ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि इस आदेश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो इसे पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर की प्रशासनिक अक्षमता माना जाएगा।
थाना शमशाबाद के वर्तमान उपनिरीक्षक राकेश कुमार द्वारा प्रस्तुत आख्या से यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी उपनिरीक्षक के विरुद्ध पूर्व में भी कई मुकदमों में समन और वारंट जारी किए जा चुके हैं।
इस सख्त कार्रवाई के बाद अब पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति है।
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