आगरा, 13 दिसम्बर 2025।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जनपद आगरा में भव्य राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। दीवानी कचहरी परिसर में आयोजित इस लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश माननीय संजय कुमार मलिक ने दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया।

इस विशाल और सफल आयोजन में आगरा मुख्यालय और तहसील/ब्लॉक स्तर पर कुल 7,76,440 वादों का निस्तारण किया गया। इन निस्तारित मामलों में प्रतिपूर्ति, जुर्माना और समझौता राशि के रूप में कुल ₹14,33,37,056/- (चौदह करोड़ तैंतीस लाख सैंतीस हज़ार छप्पन रुपये) की धनराशि शामिल रही।

लोक अदालत में उपस्थित अतिथि:
इस अवसर पर माननीय श्रीमती तृप्ता चौधरी, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, माननीय नरेन्द्र कुमार पाण्डेय, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, माननीय सर्वेश कुमार अध्यक्ष उपभोक्ता फोरम प्रथम, माननीय अनिल कुमार पीठासीन अधिकारी कमर्शियल कोर्ट प्रथम, माननीय अनुरोध मिश्र, पीठासीन अधिकारी कॉमर्शियल कोर्ट-द्वितीय, माननीय महेश नोटियाल, पीठासीन अधिकारी भू-अर्जन भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास प्राधिकरण, माननीय राजेन्द्र प्रसाद, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, माननीय पुष्कर उपाध्याय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी कोर्ट), माननीय अमरजीत, नोडल अधिकारी/अपर जिला जज, माननीय डॉ. दिव्यानन्द द्विवेदी, अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सहित अनेक न्यायिक अधिकारीगण, बैंक एवं मोबाइल कंपनियों के प्रतिनिधि, अधिवक्ता, पराविधिक स्वयं सेवक तथा आमजन उपस्थित रहे।
कुल वादों का निस्तारण:
* जनपद न्यायाधीश माननीय संजय कुमार मलिक ने स्वयं 03 वादों का निस्तारण किया, जबकि अन्य अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशों ने 662 वादों का निस्तारण कर ₹1,88,000/- जुर्माना अधिरोपित किया।
* परिवार न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश माननीय श्रीमती तृप्ता चौधरी एवं अन्य न्यायालयों द्वारा 121 वादों का निस्तारण किया गया।
* मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी माननीय नरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने 87 वादों का निस्तारण कर पीड़ित पक्षों को ₹6,45,26,606/- की प्रतिपूर्ति दिलाई।
* मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं अन्य न्यायालयों द्वारा कुल 18,155 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें ₹55,02,055/- जुर्माना अधिरोपित हुआ।
* उपभोक्ता प्रतितोष आयोग, स्थायी लोक अदालत एवं कॉमर्शियल कोर्ट द्वारा 52 वादों का निस्तारण कर ₹ 97,05,395/- की धनराशि अधिरोपित की गई।
जिला आयोग प्रथम आगरा में कुल 55 वाद नियत किए गए थे। इनमें से 16 वादों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। और इन 16 वादों के माध्यम से कुल ₹71,31,111/- (इकहत्तर लाख इकतीस हज़ार एक सौ ग्यारह रुपये) की समझौता धनराशि सुनिश्चित की गई ।
* वर्चुअल न्यायालय के माध्यम से 1,01,400 मोटर वाहन चालानों का निस्तारण किया गया।
तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर समाधान:
दीवानी कचहरी के अलावा तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर भी लोक अदालत आयोजित हुई। पुलिस आयुक्त कार्यालय, यातायात चालान, ग्रीन गैस लिमिटेड, मोबाइल कंपनियाँ, वैवाहिक प्रीलिटिगेशन, बीएसएनएल एवं विभिन्न फाइनेंस कंपनियों से जुड़े कुल 6,54,445 वादों का निस्तारण किया गया।टोरण्ट पावर लिमिटेड द्वारा 510 मामलों का निस्तारण हुआ, जिसमें ₹9,00,000/- की समझौता धनराशि रही।
बैंक एवं वित्तीय संस्थानों द्वारा समाधान:
भारतीय स्टेट बैंक, यूको बैंक, ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावत, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, सिडिकेट बैंक सहित अन्य वित्तीय संस्थानों के कुल 1,005 वादों का निस्तारण प्री-लिटिगेशन लोक अदालत के माध्यम से किया गया। इसमें ₹6,25,15,000/- की समझौता धनराशि सम्मिलित रही।
जनसुविधा एवं व्यवस्था:
आमजन की सुविधा हेतु जगह-जगह पूछताछ केन्द्र स्थापित किए गए, जहाँ नामित अधिवक्ता एवं पराविधिक स्वयं सेवक उपस्थित रहे। न्यायालय परिसर में वादकारी एवं अधिवक्ताओं की चहल-पहल रही। शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया।
इस प्रकार जनपद आगरा में जिला मुख्यालय एवं तहसील स्तर पर आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला न्यायाधीश माननीय संजय कुमार मालिक के सफल निर्देशन में कुल 7,76,440 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमे ₹14,33,37056/- की धनराशि प्रतिपूर्ति, जुर्माना, समझौता राशि के रूप में सम्मिलित रही ।
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