आगरा 29 अगस्त ।
मारपीट, गाली गलौज, दलित उत्पीड़न आरोप में विशेष न्यायाधीश एस.सी.एस.टी. एक्ट माननीय राजेन्द्र प्रसाद ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना कें आदेश थानाध्यक्ष ट्रांस यमुना को दिये हैं।
Also Read – दस लाख रुपये का चैक डिसऑनर आरोपी अदालत में तलब
मामले के अनुसार वादी मुकदमा फ़ौरन सिंह ने अपनें अधिवक्ता शैलेन्द्र सोनी कें माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर आरोप लगाया कि 9 सितम्बर 22 की सुबह 11 बजे वह अपनें प्लॉट पर कार्य करा रहा था,
तभी विपक्षी श्रीमती रेनू, प्रमोद, प्रेम पाल, निवासी गण राधा नगर, इंद्रा बंसल, निशा बंसल, दीपेंद्र बंसल, अशोक कुमार आदि ने वहाँ आ कर जाति सूचक शब्द कहते हुये वादी से गाली गलौज कर निर्माणाधीन प्लॉट में तोड़ फोड़ कर नुकसान पहुंचाया।
Also Read – अपहरण, दुराचार, एवं पॉक्सो एक्ट के आरोपी को दस वर्ष कैद
वादी के प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर अदालत ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश थानाध्यक्ष ट्रांस यमुना को दिये हैं।
- आगरा: 17 साल लंबे विचारण के बाद शासकीय कार्य में बाधा के आरोपी बरी, गवाही के लिए नहीं पहुंचे वादी टीएसआई - February 5, 2026
- राहत: साइबर ठगी की ₹3.05 लाख की राशि पीड़िता को वापस मिलेगी, आगरा कोर्ट ने दिए अवमुक्त करने के आदेश - February 5, 2026
- आगरा: अधिवक्ता व उनके बुजुर्ग पिता से अभद्रता का मामला, कोर्ट ने तत्कालीन दरोगा समेत तीन को किया तलब - February 5, 2026







