थाना प्रभारी को हटाने की मांग पर अड़े आगरा के अधिवक्ता, पांचवें दिन भी जारी रहा धरना

न्यायालय मुख्य सुर्खियां
26 सितंबर को काला दिवस मनाएंगे अधिवक्ता

आगरा:

थाना डौकी प्रभारी और उनके साथियों द्वारा अधिवक्ता कुलदीप राजपूत के घर में घुसकर दुर्व्यवहार किए जाने के विरोध में अधिवक्ताओं का धरना-प्रदर्शन आज पांचवें दिन भी जारी रहा।

सुबह अधिवक्ताओं ने सिविल कोर्ट के गेट नंबर 2 पर जुलूस निकाला और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।

Also Read – गवाहों के मुकरने पर पोक्सो मामले में आरोपी बरी, मां के खिलाफ कार्रवाई के आदेश

एसीपी की पेशकश अधिवक्ताओं ने ठुकराई

पुलिस आयुक्त के निर्देश पर एसीपी लोहा मंडी मयंक तिवारी धरना स्थल पर पहुंचे और अधिवक्ताओं को बताया कि पुलिस आयुक्त ने इस विवाद को सुलझाने के लिए एक समन्वय समिति का गठन किया है।

उन्होंने समिति से जुड़ी जानकारी उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति के संयोजक मनीष सिंह को सौंपी और अधिवक्ताओं से धरना समाप्त करने की अपील की।

हालांकि, अधिवक्ताओं ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक थाना डौकी प्रभारी को उनके पद से नहीं हटाया जाता, तब तक कोई बातचीत संभव नहीं होगी।

Also Read – कर्तव्य में लापरवाही: दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश

अधिवक्ताओं के इस सख्त रुख को देखते हुए एसीपी ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनकी मांग पुलिस कमिश्नर के सामने रखेंगे और जल्द ही इसका समाधान करवाएंगे।

धरने को संबोधित करते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक दोषी पुलिसकर्मी को हटाया नहीं जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रदेश में अधिवक्ताओं के खिलाफ बढ़ती घटनाओं की निंदा की और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग दोहराई। इस दौरान धरना स्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद था।

आज के धरने में प्रमुख रूप से सुरेंद्र लाखन चौधरी, हरदयाल सिंह, अशोक परमार, मनीष सिंह, मुकेश शर्मा, अनूप शर्मा, राजकुमार दीक्षित, सर्वेश कुलश्रेष्ठ, रमाशंकर शर्मा, वरुण गौतम, विक्रांत गुप्ता सहित कई अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे।

धरने का संचालन मुकेश शर्मा और अधर कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से किया।

Also Read – युवती की हत्या कर साक्ष्य नष्ट करने के दोषी को आजीवन कारावास और 1 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना

26 सितंबर को काला दिवस मनाएंगे अधिवक्ता:

धरने के बाद उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति की एक आवश्यक बैठक हुई, जिसमें 26 सितंबर को काला दिवस मनाने का निर्णय लिया गया।

यह निर्णय वर्ष 2001 में खंडपीठ की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे अधिवक्ताओं पर हुए बर्बर लाठीचार्ज की घटना को याद करते हुए लिया गया है।

उस घटना में कई अधिवक्ता और न्यायाधीश घायल हुए थे।

Also Read – सुप्रीम कोर्ट ने आगरा के पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज कुमार शर्मा का निलंबन रखा बरकरार , ₹1 लाख जुर्माना पीड़िता को मुआवजे के रूप में देने का आदेश

अधिवक्ता हर साल की तरह इस वर्ष भी 26 सितंबर को हाथ में काली पट्टी बांधकर न्याय कार्य नहीं करेंगे।

बैठक में मनीष सिंह, सुरेंद्र लाखन, मुकेश शर्मा, अधर शर्मा, अनूप शर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद थे।

अधिवक्ताओं ने यह भी साफ किया कि उनका धरना कल 25 सितंबर को भी जारी रहेगा।

Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp  – Channel BulletinGroup Bulletin

विवेक कुमार जैन
Follow me

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *