आगरा 17 फ़रवरी ।
चार वर्ष पूर्व वादी से व्यापार के नाम पर₹5,00,000/- उधार ले लिए लेकिन किए गए वायदे पर रुपए चुकाए नहीं।कोरोना काल का बहाना बनाकर टालता रहा। ज्यादा तकादा करने पर एक चेक दिया वह भी बैंक से बाउंस होकर वापस आ गया ।
वादी दीपक कुमार रेड्डी निवासी 11 सी कबीर कुंज फेस वन दयालबाग आगरा ने एसीजेएम पंचम माननीय मयूरेश श्रीवास्तव की कोर्ट में एक परिवाद प्रस्तुत कर कहा कि एल 19, प्रतीक एनक्लेव कमला नगर निवासी प्रदीप मिश्रा से उसकी काफी लंबे समय से अच्छी जान पहचान थी ।
प्रदीप ने 4 वर्ष पहले वादी के घर पर आकर अपने व्यापार के लिए ₹5,00,000/- की सख्त जरूरत बताते हुए उधार ले लिए। उधार लेते वक्त वादी को विश्वास दिलाया कि 1 साल के अंदर सारी रकम लौटा दूंगा । लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी विपक्षी ने रुपए वापस नहीं किया तो वादी ने अपने रुपए का तगादा किया ।
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लेकिन कोरोना काल का बहाना बनाकर विपक्षी टालता रहा । ज्यादा मांगने पर दिनांक 10 जून 2023 को विपक्षी ने बादी को एक चेक दिया और कहा कि इस चेक को अपनी बैंक में डालकर पूरा रुपया ले ले। जब वादी ने अपनी बैंक पंजाब नेशनल बैंक शाखा सूर्यनगर आगरा के खाते में भुगतान के लिए चेक प्रस्तुत किया तो चेक 3 अगस्त 2023 को अन्य कारण लिखकर बाउंस हो गया।
बाउंस होने की सूचना वादी ने व्यक्तिगत रूप से आरोपी को दी।विपक्षी ने कहा कि इलाहाबाद बैंक का विलय दूसरे बैंक में हो गया था । इसलिए चेक वापस आ गया है । तब वादी ने कहा कि मुझे नगद रुपए का भुगतान कर दो तो विपक्षी ने स्पष्ट रूप से रुपया देने से इंकार कर दिया।वादी ने अपने अधिवक्ता राजीव कांत गौतम की मार्फत दिनांक 21 जून 2023 को एक रजिस्टर्ड नोटिस भेजा लेकिन उसके बावजूद भी ना तो रुपया दिया और ना ही नोटिस का कोई जवाब दिया।
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