आगरा।
दहेज उत्पीड़न के एक मामले में सत्र न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए अधीनस्थ न्यायालय का पुराना आदेश पलट दिया है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे 25) माननीय मदन मोहन की अदालत ने आरोपी पति को पत्नी के उत्पीड़न का दोषी करार देते हुए एक माह की कैद और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
न्यायिक विवरण के अनुसार, आगरा के थाना लोहामंडी क्षेत्र के अंतर्गत ऊंचा खेत, राज नगर निवासी भूप सिंह की पुत्री श्रीमती योगेश्वरी उर्फ अंजना का विवाह मथुरा जिले के मांट स्थित हनुमान कॉलोनी निवासी योगेश कुमार (पुत्र विश्राम सिंह) के साथ हुआ था।
वादिया का आरोप था कि शादी में दिए गए दान-दहेज से उसका पति और अन्य ससुराल वाले संतुष्ट नहीं थे। वे उसे लगातार प्रताड़ित करते थे और अतिरिक्त दहेज के रूप में मायके से डेढ़ लाख रुपये नकद लाने का दबाव बनाते थे।

मांग पूरी न होने पर पति और अन्य ससुरालीजनों ने उसके साथ मारपीट की और उसे घर से बाहर निकाल दिया।
इस मामले में पहले अधीनस्थ न्यायालय में सुनवाई हुई थी। 16 सितंबर 2025 को अधीनस्थ न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपियों को दोषमुक्त करार देकर बरी कर दिया था। इस फैसले से असंतुष्ट होकर पीड़िता ने न्याय की गुहार लगाते हुए सत्र न्यायालय में अपील दायर की थी।
एडीजे 25 माननीय मदन मोहन की अदालत ने इस अपील पर सुनवाई की और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों व दोनों पक्षों की दलीलों का गहनता से अवलोकन किया।
न्यायालय ने पति योगेश कुमार को पत्नी को उत्पीड़ित करने और दहेज मांगने का दोषी पाया।
अदालत ने अधीनस्थ न्यायालय के आदेश में संशोधन करते हुए दोषी पति को एक माह के कारावास की सजा सुनाई और उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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