आगरा 21 फ़रवरी ।
लोक तंत्र के निष्पक्ष और स्वतंत्र स्तंभ न्याय व्यवस्था को पूरी तरह से अपने चंगुल में लेने का षड़यंत्र केंद्र सरकार कर रही है। इसी मंशा के साथ अधिवक्ता अधिनियम संशोधन बिल को लेकर केंद्र सरकार कदम उठा रही है। यह अधिवक्ता विरोधी काला कानून है । जो कि अधिवक्ताओं को कतई स्वीकार नहीं है। यह कहना है आगरा सेशन कोर्ट की अधिवक्ता सरोज यादव का जो शुक्रवार को काला कानून के विरोध में किए प्रदर्शन में वकीलों के बीच अपने विचार व्यक्त कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि सरकार अधिवक्ताओं को प्रोटेक्शन देने के बजाय उनकी अन्याय के खिलाफ उठाई गई आवाज को दबाना चाहती है। इसलिए अधिवक्ता एक्ट में संशोधन के नाम पर काला कानून लागू करने की तैयारी कर रही है। संशोधन की आड़ में तैयार किए जा रहे इस काले कानून को अधिवक्ता समाज बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा।

उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जिस तरह से केंद्र सरकार को किसान विरोधी बिल वापस लेने पड़े थे उसी तरह से इस काले कानून के विचार को त्यागना पड़ेगा। सरोज यादव एडवोकेट ने प्रदेश के वकील बहन भाइयों से आगामी 25 फरवरी को व्यापक पैमाने पर इस काले कानून की वापसी की मांग को लेकर सड़कों पर उतर कर आंदोलन के लिए आव्हान किया है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान चौधरी अजय सिंह, भारत सिंह, वीरेन्द्र फौजदार, सत्येंद्र यादव, पवन गुप्ता, नरेन्द्र सिंह, दिनेश कुमार, राज कुमार, जयंत कुमार, आनंद कुमार, रामहेत, बिजेंद्र सिंह, रविन्द्र सिंह, श्यामवीर भदौरिया, किशोर कुमार यादव, चंद्रपाल, हृदेश कुमार, मनोज शर्मा, कृष्ण मुरारी, शबनम दिलदार , राजेश यादव, अमर प्रताप आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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