नाबालिग के अपहरण और सामूहिक दुराचार के तीन आरोपी बरी: विरोधाभासी बयानों और साक्ष्य के अभाव ने पलटा फैसला

न्यायालय मुख्य सुर्खियां

आगरा: ७ जुलाई ।

आगरा जिले के थाना इरादत नगर में 2016 के एक बहुचर्चित मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने नाबालिग के अपहरण और सामूहिक दुराचार के आरोप में फंसे तीन आरोपियों – ब्रजेश कुशवाह, तारा चंद, और दिनेश – को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।

यह फैसला पीड़िता के बयानों में गंभीर विरोधाभास और घटना के चश्मदीद गवाह को अदालत में पेश न किए जाने के बाद आया।

क्या था मामला ?

यह घटना 11 दिसंबर, 2016 की है, जब वादी मुकदमा ने थाना इरादत नगर में तहरीर दी कि उनकी 16 वर्षीय बेटी सुबह 5 बजे शौच के लिए खेत गई थी।

आरोप था कि उसी दौरान ब्रजेश कुशवाह पुत्र पप्पू सिंह, अन्य लोगों के सहयोग से उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया। गांव के नत्थी लाल नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर पीड़िता को आरोपी के साथ जाते देखा था।

बयानों में विरोधाभास और जांच से इंकार :

पीड़िता एक महीने बाद बरामद हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसका डॉक्टरी परीक्षण कराया और उसे बयान दर्ज कराने के लिए मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया।

Also Read – दुकानदार से लूटपाट के आरोपी पिता, बेटों और नाती को तीन साल की जेल और ₹40,000 का जुर्माना

चौंकाने वाली बात यह रही कि:

* पुलिस को दिए बयान में: पीड़िता ने केवल ब्रजेश कुशवाह के खिलाफ दुराचार का आरोप लगाया था।

* मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान में: पीड़िता ने ब्रजेश, दिनेश, ताराचंद, पप्पू, महेंद्र और सेवाराम पर सामूहिक दुराचार का आरोप लगाया।

इन गंभीर विरोधाभासों के बावजूद, पीड़िता ने अपनी अंदरूनी जांच कराने से इंकार कर दिया, जिससे मामले की जटिलता और बढ़ गई।

साक्ष्य का अभाव बना बरी होने का आधार:

अदालत ने पीड़िता के बयानों में मौजूद गंभीर विरोधाभास, घटना के कथित चश्मदीद गवाह नत्थी लाल को अदालत में पेश न करने, और अन्य साक्ष्यों के अभाव को देखते हुए आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया।

आरोपियों के अधिवक्ता राजकुमार त्यागी ने अदालत में प्रभावी तर्क पेश किए, जिनके आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने ब्रजेश कुशवाह, तारा चंद, और दिनेश निवासी भज्जू पुरा, मिहावा, थाना इरादत नगर को बरी कर दिया।

Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp  – Channel BulletinGroup Bulletin
विवेक कुमार जैन
Follow me

1 thought on “नाबालिग के अपहरण और सामूहिक दुराचार के तीन आरोपी बरी: विरोधाभासी बयानों और साक्ष्य के अभाव ने पलटा फैसला

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *