भागवत सुनने निबोहरा आई थी वादनी
खेत में लघुशंका के लिये जानेंपर ड्यूटी पर तैनात पुलिस के विरुद्ध लगाया था आरोप
अधीनस्थ न्यायालय द्वारा प्रार्थना पत्र खारिज करनें पर वादनी ने किया था रिवीजन
आगरा 22 नवंबर ।
अधीनस्थ न्यायालय द्वारा पारित आदेश के विरुद्ध प्रस्तुत रिवीजन को निरस्त कर अपर जिला जज 9 माननीय यशपालसिंह सिंह लोधी ने अधीनस्थ न्यायालय द्वारा पारित आदेश को यथावत रख वादनी को राहत प्रदान करने से इंकार कर दिया।
मामले के अनुसार वादनी मुकदमा श्रीमती सरिता तोमर, पत्नी भानु प्रताप सिंह तोमर निवासनी डीआरपी लाईन, दुर्गा बिहार कॉलोनी, थाना बहोदापुर, जिला ग्वालियर ने पुलिस कर्मी विक्रम उर्फ विक्रांत चौधरी तैनाती स्थल थाना निबोहरा के विरुद्ध दुराचार प्रयास का आरोप लगा उसकें विरुद्ध मुकदमा दर्ज करानें हेतु अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था ।
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वादीया ने कथन किया था कि वह निबोहरा में आयोजित कौशिक जी महाराज की भागवत कथा सुनने आई थी 14 मई 2024 की शाम 6.15 बजें करीब वह कथा पंडाल से सटे खेत में लघुशंका हेतु गयी तभी एक पुलिसकर्मी ने उसे आकर दबोच लिया। पुलिस कर्मी ने अश्लील हरकत करते हुये वादनी के साथ दुराचार का प्रयास किया।
वादनी के प्रार्थना पत्र पर अधीनस्थ न्यायालय द्वारा सम्बंधित थाने से आख्या तलब की गई । थाने से आख्या प्रेषित की गई कि कथा को सकुशल संपन्न कराने हेतु इलाका पुलिस के अतिरिक्त अन्य थानों का भी फोर्स कथा स्थल पर लगाया गया था ।
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वहां पवन शर्मा, प्रशांत शर्मा एवं सत्यभान द्वारा बाधा डाल हंगामा कर पुलिस कर्मियों कें साथ मारपीट गाली गलौज की गई । आरोपित पुलिस कर्मी विक्रांत चौधरी की वर्दी भी फट गई थी। आरोपियो के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने पर पेश बंदी हेतु वादनी द्वारा उक्त प्रार्थना पत्र दिया गया हैं ।
पुलिस द्वारा प्रेषित आख्या के अवलोकन उपरांत अधीनस्थ न्यायालय द्वारा मुकदमा दर्ज कराये जाने हेतु प्रस्तुत प्रार्थना पत्र को खारिज करने पर वादनी ने अधीनस्थ न्यायालय के आदेश के विरुद्ध सत्र न्यायालय में रिवीजन किया।
जिसे अपर जिला जज माननीय यशपालसिंह लोधी ने खारिज कर अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को यथावत रखने के आदेश दिये।
पुलिसकर्मी की तरफ से अधिवक्ता नीरज पाठक द्वारा पैरवी की गई।
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