आगरा अदालत में चल रहे कंगना रनौत द्वारा किसानों के अपमान और राजद्रोह मामले में शुक्रवार को होगी अंतिम बहस, कोर्ट ने लगाया था जुर्माना

न्यायालय मुख्य सुर्खियां

आगरा।

हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के विरुद्ध चल रहे किसानों के अपमान और राजद्रोह के मामले में अब शुक्रवार (3 अप्रैल 2026) को स्पेशल कोर्ट (MP-MLA) में निर्णायक बहस होगी।

विशेष न्यायाधीश माननीय अनुज कुमार सिंह की अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए शुक्रवार की तिथि नियत की है।

बार-बार सुनवाई टलने पर कोर्ट सख्त:

उल्लेखनीय है कि यह मामला पिछले काफी समय से संज्ञान (Cognizance) पर बहस के लिए लंबित चल रहा है।

पूर्व की कई तिथियों पर कंगना रनौत के अधिवक्ताओं की ओर से स्थगन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए थे, जिससे बहस की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी।

सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता की बीमारी का दिया गया हवाला:

बीती सुनवाई (16 मार्च 2026) के दौरान कंगना रनौत की ओर से स्थानीय अधिवक्ता ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनकी मुख्य पैरोकार और सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता अनसूया चौधरी की तबीयत खराब है, जिस कारण वे न्यायालय में उपस्थित होकर बहस नहीं कर सकतीं।

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वादी पक्ष ने जताई थी कड़ी आपत्ति:

वादी और वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सुखबीर सिंह चौहान एवं राजवीर सिंह ने विपक्षी पक्ष की इस कार्यप्रणाली पर कड़ी आपत्ति जताई थी उन्होंने अदालत से कहा था कि:

* विपक्षी पक्ष जानबूझकर और बार-बार मामले को टालने का प्रयास कर रहा है।

* अतः कंगना रनौत का बहस का अवसर तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए।

जुर्माने के साथ ‘अंतिम अवसर’:

कंगना रनौत की जूनियर अधिवक्ता सुधा प्रधान के बार-बार आग्रह और विधिक परिस्थितियों को देखते हुए, अदालत ने आरोपी पक्ष को बहस के लिए एक अंतिम मौका प्रदान किया।

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हालांकि, बार-बार सुनवाई टालने के कारण कोर्ट ने कंगना रनौत पर 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया।

अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि शुक्रवार, अप्रैल 2026 को होने वाली सुनवाई में दोनों पक्षों को अपनी अंतिम दलीलें पेश करनी होंगी, जिसके बाद न्यायालय संज्ञान पर अपना आदेश सुरक्षित कर सकता है।

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विवेक कुमार जैन
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