इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि आरोप (Charge) में बदलाव का अधिकार केवल कोर्ट को, पक्षकारों को नहीं

आगरा/प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण कानूनी व्यवस्था देते हुए स्पष्ट किया है कि आपराधिक मुकदमों में आरोपों को बदलने या संशोधित करने का विशेषाधिकार केवल न्यायालय के पास है। कोर्ट ने कहा कि CRPC की धारा 216 (अब BNSS की संबंधित धारा) के तहत न तो पीड़ित और न ही अभियोजन पक्ष अधिकार के […]

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