दीर्घकालिक सहमति जन्य संबंधों को बलात्कार नहीं माना जा सकता, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आपराधिक कार्यवाही की रद्द

आगरा/प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि किसी महिला और पुरुष के बीच लंबे समय तक आपसी सहमति से शारीरिक संबंध रहे हों, और शुरुआत से ही शादी का इरादा न होने का कोई पुख्ता सबूत मौजूद न हो, तो ऐसे संबंधों को बलात्कार की श्रेणी में नहीं […]

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इलाहाबाद हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय: बालिगों के बीच लंबे समय तक आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंध बलात्कार की श्रेणी में नहीं

आगरा/प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण कानूनी व्यवस्था देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि दो बालिग व्यक्ति लंबे समय तक आपसी सहमति से शारीरिक संबंध में रहते हैं, तो उसे बलात्कार नहीं माना जा सकता। जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला की एकल पीठ ने आजमगढ़ जिले के एक आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई […]

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इलाहाबाद हाईकोर्ट: “अपनी मर्जी से बनाए गए शारीरिक संबंध दुष्कर्म नहीं”, विवाहित महिला की प्राथमिकी और केस कार्यवाही रद्द

आगरा/प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांत को दोहराते हुए कहा है कि यदि दो वयस्क आपसी सहमति से लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाते हैं, तो इसे बाद में दुष्कर्म (Rape) नहीं माना जा सकता। न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की एकलपीठ ने बरेली के इज्जतनगर थाने में दर्ज केस की कार्यवाही और आरोप पत्र […]

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सहमति से लंबे समय तक चले संबंध को बलात्कार नहीं माना जा सकता

आगरा / प्रयागराज 04 अक्टूबर । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बलात्कार और जबरन वसूली के आरोपी याची के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया। जिसमें कहा गया कि 12 साल से अधिक समय तक चलने वाले सहमति से बने संबंध को केवल शादी करने के वादे के उल्लंघन के आधार पर […]

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