आगरा।
विशेष अदालत ने पॉक्सो और दुराचार से जुड़े एक आपराधिक मामले में बार-बार बुलाए जाने के बावजूद गवाही के लिए उपस्थित न होने पर सख्त रुख अपनाया है।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट माननीय सोनिका चौधरी की अदालत ने तत्कालीन विवेचक एवं निरीक्षक निरंजन सिंह सिरोही का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश पुलिस आयुक्त आगरा को दिए हैं।
मामला थाना ट्रांस यमुना से संबंधित दुराचार एवं पॉक्सो एक्ट के तहत राज्य बनाम सुमेर के मुकदमे का है।
इस प्रकरण की विवेचना तत्कालीन विवेचक निरीक्षक निरंजन सिंह सिरोही ने की थी।
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अदालत में यह मुकदमा काफी समय से विवेचक की गवाही के लिए लंबित चल रहा है।
अदालत द्वारा जारी निर्देशों के बावजूद निरीक्षक गवाही देने के लिए न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हो रहे थे। उनके इस आचरण को न्यायिक प्रक्रिया में बाधक मानते हुए विशेष न्यायाधीश सोनिका चौधरी ने कड़ा आदेश पारित किया।
अदालत ने पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि वर्तमान में पुलिस लाइन आगरा में तैनात निरीक्षक निरंजन सिंह सिरोही का वेतन तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक रोक दिया जाए।
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