आगरा 22 अगस्त ।
आर्य संस्कृति संरक्षण ट्रस्ट के कामाख्या माता मंदिर केस संख्या-113/2024 श्री भगवान श्रीकामख्या माता देवी आदि बनाम उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड आदि की सुनवाई लघुवाद न्यायालय माननीय मृत्युंजय श्रीवास्तव की अदालत में गुरुवार को आगरा में हुई।
वादी अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह व वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश सिकरवार ने बताया कि आज दौरान सुनवाई विपक्षी संख्या- 2 दरगाह सलीम चिश्ती न्यायालय में हाज़िर हो गया।
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सलीम चिश्ती दरगाह की तरफ से अधिवक्ता अविनाश शर्मा ने अपना वकालतनामा लगाया है।
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विपक्षी संख्या-2 दरगाह सलीम चिश्ती को वादी ने वादपत्र की छायाप्रति उपलब्ध करवा दी जिसपर उन्होंने जबाब देने के लिए समय मांगा है जबकि विपक्षी संख्या-1 उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड व विपक्षी संख्या-3 प्रबंधन कमेटी जामा मस्जिद अभी तक हाज़िर नहीं हुए है।
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न्यायालय ने सुनवाई करते हुए सुनवाई की अगली तिथि 24 सितंबर नियत की है।
अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि सलीम चिश्ती दरगाह सिकरवार क्षत्रियों की कुल देवी कामाख्या माता का गर्भ गृह है व जामा मस्जिद मन्दिर परिसर।
फतेहपुर सीकरी का अस्तित्व बहुत पुराना है यह बात गलत है कि फतेहपुर सीकरी को अकबर ने बसाया था।
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फतेहपुर सीकरी में पुरातत्व विभाग के पूर्व अधीक्षण पुरातत्वविद डी वी शर्मा को अपने कार्यकाल में उत्खनन के दौरान सरस्वती की मूर्ति व अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले थे जिससे साबित होता है कि फतेहपुर सीकरी का अस्तिव बहुत पुराना है जिसपर व्यापक अन्वेषण व उत्खनन की आवश्यकता है।
कामाख्या माता मंदिर केस की सुनवाई लघुवाद न्यायाधीश माननीय मृत्युंजय श्रीवास्तव के न्यायालय में चल रही है न्यायालय ने सुनवाई की अगली तिथि 24 सितंबर नियत की है।
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