नई दिल्ली:
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग की जांच कर रही समिति की सहायता के लिए अधिवक्ता रोहन सिंह और समीक्षा दुआ को सलाहकार नियुक्त किया है।
यह नियुक्ति 19 सितंबर को लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी एक आदेश के माध्यम से की गई है।
मामले की पृष्ठभूमि:
यह मामला 14 मार्च को न्यायमूर्ति वर्मा के दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास में आग लगने के बाद सामने आया था। उस समय दमकलकर्मियों ने कथित तौर पर उनके घर से बेहिसाब नकदी बरामद की थी।
इसके बाद उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे, हालांकि उन्होंने इन आरोपों से इनकार करते हुए इसे उन्हें फंसाने की साजिश बताया था।
Also Read – व्यभिचार: अपराध नहीं, पर नागरिक हर्जाने का आधार: दिल्ली हाईकोर्ट

तत्कालीन भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) संजीव खन्ना ने आरोपों की आंतरिक जांच शुरू की और 22 मार्च को एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया। इस समिति की रिपोर्ट में न्यायमूर्ति वर्मा पर भ्रष्टाचार का आरोप सही पाया गया और उन्हें हटाने की सिफारिश की गई।
संसदीय प्रक्रिया:
चूंकि न्यायमूर्ति वर्मा ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था, इसलिए मुख्य न्यायाधीश खन्ना ने रिपोर्ट राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेज दी। इसके बाद केंद्र सरकार ने संसद में न्यायमूर्ति वर्मा के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पेश किया, जिस पर 146 सांसदों ने हस्ताक्षर किए।
Also Read – अब मानहानि को अपराधमुक्त करने का समय आ गया है: सुप्रीम कोर्ट

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया और न्यायाधीश (जांच) अधिनियम के तहत एक समिति का गठन किया। इस समिति में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश अरविंद कुमार, मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और वरिष्ठ अधिवक्ता बी. वासुदेव आचार्य शामिल हैं।
अधिवक्ता रोहन सिंह और समीक्षा दुआ को इस समिति की सहायता के लिए नियुक्त किया गया है, ताकि उन आधारों का आकलन किया जा सके जिनके आधार पर न्यायमूर्ति वर्मा को न्यायाधीश पद से हटाने पर विचार किया जा रहा है।
इस बीच, न्यायमूर्ति वर्मा को दिल्ली उच्च न्यायालय से उनके मूल उच्च न्यायालय, इलाहाबाद, वापस भेज दिया गया है और उनसे न्यायिक कार्य वापस ले लिया गया है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- आगरा में “मध्यस्थता अभियान 2.0 “की अवधि 15 फरवरी तक बढ़ी, सुलह-समझौते से होगा मुकदमों का निपटारा - February 5, 2026
- किरावली में ‘प्री मेगा शिविर’ का आयोजन: योजनाओं की मिली जानकारी, पुष्टाहार का हुआ वितरण - February 4, 2026
- किराये के विवाद में पथराव और मारपीट के आरोपी 30 साल बाद बरी - February 4, 2026







