आगरा, 12 जून, 2025:
आगरा में हाईकोर्ट खंडपीठ की स्थापना की मांग को लेकर जनमंच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल की ‘बुद्धि शुद्धि’ के लिए हवन (यज्ञ) का आयोजन किया। जनमंच ने कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल के हालिया बयान पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया, जिसमें उन्होंने देश में दस हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने पर विचार-विमर्श की बात कही और मेरठ को प्रथम स्थान पर रखा, जबकि आगरा का कोई उल्लेख नहीं किया।
जनमंच के अध्यक्ष चौधरी अजय सिंह की अध्यक्षता में और पवन गुप्ता के संचालन में हुए इस कार्यक्रम में अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। यज्ञ में पूर्णाहुति देते हुए ईश्वर से प्रार्थना की गई कि प्रधानमंत्री मोदी और कानून मंत्री मेघवाल को सद्बुद्धि मिले, जिससे आगरा में हाईकोर्ट खंडपीठ की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो सके।
कानून मंत्री के बयान पर अधिवक्ताओं में आक्रोश:
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल के बयान को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। अधिवक्ताओं का कहना है कि जस्टिस जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट के अनुसार आगरा में हाईकोर्ट खंडपीठ की स्थापना होनी चाहिए थी, लेकिन इसके बावजूद यह प्रस्ताव सदन में पारित नहीं हो सका। कानून मंत्री के ताजा बयान, जिसमें आगरा का नाम शामिल नहीं किया गया और मेरठ को प्राथमिकता दी गई, ने आगरा और उसके समर्थक जिलों के अधिवक्ताओं की भावनाओं को आहत किया है।
प्रधानमंत्री के वादे की याद दिलाई:
जनमंच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले आगरा में किए गए अपने वादे की याद दिलाई। उस समय मोदी ने आगरा में हाईकोर्ट खंडपीठ, अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम, बैराज और इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने का वादा किया था। जनमंच ने खेद व्यक्त किया कि 11 साल सत्ता में रहने के बावजूद आगरा की इन मूलभूत समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, और इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर में स्थापित कर दिया गया, जिसे आगरा के लिए दुखद बताया गया।

भविष्य की रणनीति पर होगी बैठक:
हवन (यज्ञ) के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 16 जून, 2025 को दोपहर 12 बजे सभी अधिवक्ता संगठनों और जनमंच की कोर कमेटी की बैठक सामाजिक संगठनों के साथ की जाएगी। इस बैठक में हाईकोर्ट खंडपीठ आंदोलन की भावी और सशक्त रणनीति तय की जाएगी।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से इदेश कुमार यादव, चौधरी हरदयाल सिंह, सत्येन्द्र कुमार यादव, सुरेन्द्र सिंह धाकरे, जितेन्द्र चौहान, मोहन लाल, श्याम सुन्दर उर्फ प्रशांत सिकरवार, वीरेन्द्र फौजदार, देवेन्द्र नरवार, सत्यपाल सिंह, अजीत वर्मा, लोकेश चौधरी, रजनीन्द्र रावत, उदयवीर सिंह, अमर सिंह कमल, शिव कुमार सैनी, सुरेन्द्र कुमार, दीपक शर्मा, शेर सिंह, अनिल विधौतिया, जितेन्द्र चौहान, अजयदीप, पवन कुमार, कुलकुल, अशोक दीक्षित, चौधरी विशाल सिंह, मोहन लाल, राहुल, उमेश दीक्षित और अशोक दीक्षित आदि उपस्थित रहे।
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