आगरा।
चेक बाउंस (चेक डिसऑनर) के एक मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी दूध विक्रेता को कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीएमजे) चतुर्थ माननीय प्रगति सिंह ने आरोपी बंटी को दोषी करार देते हुए 3 माह की कैद और 1 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
क्या है पूरा मामला ?
मामला आगरा के लोहामंडी थाना क्षेत्र का है। वादी हुकुम सिंह (निवासी जटपुरा) ने अपने अधिवक्ता राजेश यादव के माध्यम से अदालत में परिवाद दायर किया था।
शिकायत के अनुसार, आरोपी बंटी (पुत्र महावीर सिंह, निवासी चौगान, एत्मादपुर), जो दूध बेचने का कार्य करता है, ने भैंस खरीदने के नाम पर वादी से 60 हजार रुपये उधार लिए थे। आरोपी ने यह रकम एक माह में वापस करने का वादा किया था।
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60 हजार के बदले 1 लाख का दंड:
उधार ली गई रकम के भुगतान के लिए आरोपी ने 25 दिसंबर 2016 को वादी को 60 हजार रुपये का एक चेक सौंपा था। जब वादी ने उस चेक को बैंक में लगाया, तो वह डिसऑनर (बाउंस) हो गया। बार-बार तकादे के बाद भी रकम न मिलने पर वादी ने न्याय की गुहार लगाई।
न्यायालय का फैसला:
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट माननीय प्रगति सिंह ने वादी के अधिवक्ताओं राजेश यादव और अदिति यादव के तर्कों से सहमत होते हुए आरोपी को दोषी पाया।
कोर्ट ने आरोपी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, जो मूल उधार राशि से लगभग 40 हजार रुपये अधिक है।
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