आगरा 16 जून, 2025।
आगरा में उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना की मांग को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद की गई। उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति के बैनर तले एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी आगरा के माध्यम से राष्ट्रपति महोदय को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी महोदय की अनुपस्थिति में एडीएम फाइनेंस शुभांगी शुक्ला ने ज्ञापन स्वीकार किया।
ज्ञापन में जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट को लागू कर आगरा में खंडपीठ स्थापित करने पर ज़ोर दिया गया। समिति के सदस्यों ने विस्तार से बताया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा गठित जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट स्पष्ट रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खंडपीठ के लिए आगरा को सर्वाधिक उपयुक्त स्थान मानती है।

प्रतिनिधिमंडल ने खेद व्यक्त किया कि आयोग की रिपोर्ट पूरी तरह से आगरा के पक्ष में होने के बावजूद, आगरा में अभी तक खंडपीठ की स्थापना नहीं हो पाई है, जिसे उन्होंने आगरा का दुर्भाग्य बताया। उन्होंने यह भी कहा कि आगरा का अधिवक्ता समुदाय और आम जनता जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट के साथ पूरी तरह से खड़ी है और रिपोर्ट के अनुसार आगरा में खंडपीठ की स्थापना होनी चाहिए।
आज के ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र लाखन ने किया। इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति के संयोजक मनीष कुमार सिंह एडवोकेट, सचिव मुकेश शर्मा, संघर्ष समिति के चेयरमैन एवं यूनाइटेड बार के सचिव अनूप शर्मा, प्रवक्ता आधार शर्मा, बनी सिंह अधिवक्ता, सहयोग समिति के महासचिव कृपाल सिंह वर्मा, वेलफेयर संगठन से गिरीश कटारा, संजय पचौरी, अभिषेक कोटिया, मुकीम अहमद, मनोज कुमार, साहिल अली, विपिन तेरिया, प्रमोद पाठक आदि अधिवक्ता प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
मनीष सिंह एडवोकेट, संयोजक, उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति, आगरा ने बताया कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक आगरा में उच्च न्यायालय की खंडपीठ स्थापित नहीं हो जाती।
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