आगरा ।
आगरा के थाना मलपुरा से जुड़े दहेज हत्या के एक मामले में जिला जज ने कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य आरोपी ससुर की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
न्यायालय ने अपराध की गंभीरता और अभियोजन पक्ष के तर्कों को आधार मानते हुए आरोपी को राहत देने से इंकार कर दिया।
मामले की पृष्ठभूमि:
प्रकरण के अनुसार, थाना मलपुरा में वादी सरोज कुमार द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि उनकी भांजी खुशबू का विवाह 20 अप्रैल 2016 को मुजफ्फर नगर के ग्राम कोदरिया, थाना पारू निवासी राजमंगल भगत के पुत्र वीरेंद्र कुमार के साथ संपन्न हुआ था।
आरोप है कि विवाह के पश्चात से ही ससुराल पक्ष के लोग खुशबू को अतिरिक्त दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे थे।

दहेज की मांग और हत्या का आरोप:
वादी का दावा है कि आरोपी ससुर राजमंगल भगत, पति वीरेंद्र, ननद करिश्मा और नंदोई प्रमोद खुशबू से अतिरिक्त दहेज के रूप में दो लाख रुपये की मांग कर रहे थे।
जब परिवार ने यह मांग पूरी करने में असमर्थता जताई, तो प्रताड़ना का दौर और बढ़ गया। आरोप के मुताबिक, 13 मार्च 2023 को इन्हीं परिस्थितियों के चलते आरोपियों ने खुशबू की हत्या कर दी।
न्यायालय का निर्णय:
सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता राधा कृष्ण गुप्ता ने जमानत का कड़ा विरोध किया।
उन्होंने तर्क दिया कि दहेज हत्या जैसे जघन्य अपराध में आरोपी को जमानत देना न्यायोचित नहीं है।
जिला जज ने मामले के तथ्यों और गंभीरता को देखते हुए आरोपी ससुर राजमंगल भगत द्वारा प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त करने के आदेश जारी किए।
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