आगरा: ५ अगस्त ।
9 साल की एक मासूम बच्ची के साथ दुराचार और उसे अनैतिक देह व्यापार में धकेलने के आरोप में गिरफ्तार किए गए आरोपी अमित की जमानत याचिका को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने खारिज कर दिया है। यह फैसला बच्ची की गंभीर हालत और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए लिया गया है।
क्या है पूरा मामला ?
22 जून, 2025 को शाम करीब 4 बजे, एक राहगीर को ग्वालियर रोड, सेवला के पास 9 साल की एक बच्ची डरी-सहमी हालत में मिली। जब राहगीर उसे लेकर सदर थाने पहुंचा, तो बच्ची ने जो बताया, उसे सुनकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। बच्ची ने बताया कि उसकी मां गीता पैसों के लिए उससे बाहर के लड़कों के साथ गलत काम करवाती है।
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उसने यह भी बताया कि उसके भाई अमित ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया था। जब वह विरोध करती थी, तो उसे सिगरेट और गर्म चिमटे से जलाया जाता था। पुलिस को बच्ची के पूरे शरीर पर चोटों के कई निशान मिले थे।
जांच में पता चला कि बच्ची को उसकी कथित मां गीता ने गोद लिया था। बच्ची ने पुलिस को मोहित, दिलीप और शोहिल नाम के युवकों के बारे में भी बताया जो घर आकर उसके साथ गलत काम करते थे।
न्यायालय में सुनवाई:
इस मामले में आरोपी अमित पुत्र श्रीकांत, निवासी सेवला सराय, ने जमानत के लिए याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के दौरान वादी (राहगीर) को भी अदालत ने अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजा था।
वादी ने वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक कुमार शर्मा से संपर्क किया, जिन्होंने बच्ची की व्यथा सुनकर बिना किसी आर्थिक स्वार्थ के उसका और वादी का पक्ष अदालत में रखा।
अधिवक्ता दीपक कुमार शर्मा ने न्यायालय के समक्ष आरोपी के खिलाफ मजबूत तर्क पेश किए। इन तर्कों और मामले की गंभीरता को देखते हुए, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने आरोपी अमित की जमानत याचिका खारिज कर दी।
यह फैसला मासूम बच्ची को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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