आगरा/प्रयागराज २३ मई ।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रयागराज से संबद्ध स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल (एसआरएन) की दयनीय हालत पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने डॉ. अरविंद कुमार गुप्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए, अस्पताल की बदहाली को देखते हुए जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) और अस्पताल के इंचार्ज अधीक्षक को शुक्रवार, 23 मई 2025 को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है।
इससे पहले, प्रशासन द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर सवाल उठने के बाद, कोर्ट ने अस्पताल के वास्तविक हालात का जायजा लेने के लिए एक एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) नियुक्त किया था। एमिकस क्यूरी की अंतरिम रिपोर्ट में अस्पताल में सुविधाओं की भारी खामियों का खुलासा हुआ है, जिसने कोर्ट को स्तब्ध कर दिया है।
रिपोर्ट में विशेष रूप से अस्पताल के विभिन्न विभागों में गंभीर अनियमितताओं को उजागर किया गया है, जिनमें गैर-क्रियाशील एयर कंडीशनिंग इकाइयां (एसी ), आवश्यक दवाओं की गंभीर कमी और मरीजों के साथ दुर्व्यवहार जैसे मुद्दे शामिल हैं। इन खुलासों ने अस्पताल में मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
कोर्ट के इस सख्त रुख से उम्मीद की जा रही है कि एसआरएन अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार आएगा और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।
अधिकारियों की उपस्थिति और उनके जवाबों से अस्पताल की समस्याओं के समाधान की दिशा में आगे की कार्रवाई तय होगी।
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