आगरा:
विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) माननीय सोनिका चौधरी ने अपहरण, दुराचार और पाक्सो एक्ट के आरोपी देशराज को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करने का आदेश दिया है।
न्यायालय ने पाया कि अभियोजन पक्ष न तो पीड़िता को नाबालिग सिद्ध कर सका और न ही घटना से जुड़े पुख्ता सबूत पेश कर पाया।
मामले की पृष्ठभूमि:
मामला थाना सिकंदरा क्षेत्र का है। 16 दिसंबर 2020 को एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी कक्षा 9 में पढ़ने वाली पुत्री स्कूल गई थी, लेकिन घर नहीं लौटी।
आरोप था कि आरोपी देशराज उसे बहला-फुसलाकर मोटरसाइकिल पर ले गया था। घटना के 18 दिन बाद पुलिस ने पीड़िता को बरामद करने का दावा किया था।
न्यायालय में कमजोर साबित हुए तर्क:
सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता अमित कुमार के तर्कों और साक्ष्यों की कमी के कारण मामला संदिग्ध हो गया।
फैसले के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
बरामदगी पर विरोधाभास:
पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि फिरोजाबाद से निकलते ही पुलिस ने उसे बरामद किया, जबकि विवेचक (Investigating Officer) का दावा था कि बरामदगी आईएसबीटी से हुई।
Also Read – आगरा के आई एस बी टी चौराहे पर हुई हत्या और दलित उत्पीड़न के चार दोषियों को आजीवन कारावास

होटल की पहचान नहीं:
पीड़िता ने 18 दिनों तक फिरोजाबाद के एक होटल में बंधक बनाकर दुराचार का आरोप लगाया, लेकिन वह उस होटल का नाम या स्थान नहीं बता सकी। विवेचक ने भी घटना स्थल का निरीक्षण करने का कोई प्रयास नहीं किया।
मेडिकल जाँच से इनकार:
पीड़िता ने चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान अपनी अंदरूनी जाँच (Internal Examination) कराने से साफ मना कर दिया था, जिससे दुराचार की पुष्टि नहीं हो सकी।
आयु का प्रमाण:
अभियोजन पक्ष पीड़िता के नाबालिग होने के संबंध में कोई ठोस दस्तावेज या साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफल रहा।
अदालत का फैसला:
विशेष न्यायाधीश माननीय सोनिका चौधरी ने दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद माना कि अभियोजन आरोपी के विरुद्ध दोष सिद्ध करने में पूरी तरह विफल रहा है।
साक्ष्यों के अभाव में आरोपी देशराज (निवासी अरतौनी, सिकंदरा) को बरी कर दिया गया।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp –Channel Bulletin & Group Bulletin 
- किरावली में ‘प्री मेगा शिविर’ का आयोजन: योजनाओं की मिली जानकारी, पुष्टाहार का हुआ वितरण - February 4, 2026
- किराये के विवाद में पथराव और मारपीट के आरोपी 30 साल बाद बरी - February 4, 2026
- मकान बेचने के नाम पर धोखाधड़ी: चेक बाउंस होने पर आरोपी कोर्ट में तल - February 4, 2026








1 thought on “आगरा की अदालत ने दुराचार व पाक्सो एक्ट का आरोपी किया दोषमुक्त: अभियोजन पक्ष नाबालिग सिद्ध करने में रहा विफल”