आगरा कमिश्नरेट बनी, पर नकल विभाग बनाना भूला शासन: अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री व पुलिस आयुक्त को लिखा पत्र

न्यायालय मुख्य सुर्खियां

आगरा।

आगरा में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बावजूद, पुलिस विभाग के न्यायालयों से संबंधित कार्यों की नकल (Certified Copy) प्राप्त करने के लिए ‘नकल विभाग’ स्थापित न किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है।

अधिवक्ता रोहन सिंह ने इस संबंध में मुख्यमंत्री और पुलिस आयुक्त को एक शिकायत पत्र प्रेषित कर तत्काल नकल विभाग स्थापित करने का आग्रह किया है।

कलेक्ट्रेट परिसर में स्थापित हैं न्यायालय:

अधिवक्ता रोहन सिंह ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि आगरा जनपद में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के तहत कमिश्नरेट कोर्ट, सहायक पुलिस आयुक्त न्यायालय, और कार्यपालक मजिस्ट्रेट न्यायालय की स्थापना कलेक्ट्रेट परिसर में की गई है।

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इन न्यायालयों में मुख्य रूप से अपराध निरोधक मामलों की सुनवाई की जाती है, जिनमें धारा 110 सीआरपीसी (आदतन अपराधी), 107/116 सीआरपीसी (शांति भंग की आशंका) और धारा 151 सीआरपीसी (संज्ञेय अपराध रोकने हेतु गिरफ्तारी) जैसे मामलों की कार्यवाही संचालित होती है।

नकल मिलने में आ रही बाधा:

शिकायती पत्र के अनुसार, जब नोटिस या समन जारी होने पर अधिवक्तागण इन मामलों में अपना जवाब प्रस्तुत करने के लिए संबंधित दस्तावेज़ों की नकल (कॉपी) मांगते हैं, तो कार्यालय के बाबू या अन्य कर्मचारियों द्वारा नकल उपलब्ध नहीं कराई जाती है। इससे अधिवक्ताओं को अपना पक्ष तैयार करने और समय पर न्यायालय में प्रस्तुत करने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

अधिवक्ता रोहन सिंह ने मुख्यमंत्री और पुलिस आयुक्त से पुरजोर आग्रह किया है कि कमिश्नरेट प्रणाली के तहत पुलिस विभाग के न्यायिक कार्यों में पारदर्शिता और सुगमता लाने के लिए तत्काल नकल विभाग की स्थापना की जाए, ताकि अधिवक्ताओं और आम जनता को आवश्यक कानूनी दस्तावेज़ समय पर मिल सकें।

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विवेक कुमार जैन
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