आगरा:
विगत 15 अगस्त को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी किए गए एक पोस्टर पर विवाद खड़ा हो गया है। राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने केंद्रीय पेट्रोलियम और रसायन मंत्री हरदीप सिंह पुरी को एक कानूनी नोटिस भेजा है।
नोटिस में पोस्टर में वीर सावरकर की तस्वीर को महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह से ऊपर और बड़ा दर्शाने पर कड़ी आपत्ति जताई गई है।
क्या है पूरा मामला ?
नोटिस में अधिवक्ता शर्मा ने कहा है कि 15 अगस्त 2025 को जब पूरा देश स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, तब पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक रंगीन पोस्टर जारी किया।
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इस पोस्टर में सावरकर की तस्वीर सबसे ऊपर और प्रमुखता से लगाई गई थी, जबकि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह की तस्वीरें नीचे और अपेक्षाकृत छोटी थीं।
नोटिस के साथ पोस्टर की एक प्रति भी भेजी गई है, जिसमें बीबीसी न्यूज़ हिंदी द्वारा सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी का भी जिक्र है।
बीबीसी ने इस पोस्टर को लेकर एक बहस छेड़ते हुए सवाल किया था कि “स्वतंत्रता दिवस पर पेट्रोलियम मंत्रालय ने जारी किया यह पोस्टर… इसमें प्रमुखता से सावरकर की तस्वीर लगाई गई है। इस पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बहस छिड़ गई है। इसमें आपकी क्या राय है ?”
“महान स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान”:
शर्मा ने नोटिस में आरोप लगाया है कि यह पोस्टर मंत्री की अनुमति से ही जारी किया गया होगा। उन्होंने कहा कि जिन महान स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों से देश को आजादी मिली, उनका कद सावरकर से छोटा दर्शाकर मंत्रालय ने उनका घोर अपमान किया है।
नोटिस में आगे कहा गया है कि सावरकर पर महात्मा गांधी की हत्या के मामले में आरोप लगे थे, हालांकि वे सबूतों के अभाव में बरी हो गए थे। ऐसे में उनका कद राष्ट्र गौरव से ऊंचा दिखाना हर भारतवासी का अपमान है और इससे उनकी और उनके साथियों की भावनाएं आहत हुई हैं।
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कार्रवाई की मांग:
नोटिस के अंत में, शर्मा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से इस कृत्य के लिए तत्काल पूरे देश से माफी मांगने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो वह मंत्री के खिलाफ “राष्ट्र अपमान और राष्ट्रद्रोह” का मुकदमा दर्ज कराने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी मंत्री की होगी।
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